कंबल ओढ़े जाडा सिकुड़े, फिर भी निगोड़ा आग मांगे...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं :
कंबल ओढ़े जाडा सिकुड़े-
फिर भी निगोड़ा आग मागा – रूई की रजाई ओढ़-
तन का ताप मागा-
अल्लढता के लिहाफ ओढ़े-
तन-मन झाझोड़ डारे-
कम्बल कपडा साल गर्म-
सूरज का अघोष मागे...

Posted on: Jul 26, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH

नेताओं की गोद में खेल रहा, मेरा भारत महान...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
नेताओं की गोद में खेल रहा, मेरा भारत महान-
जनता मूर्ख जानकर भी कर रहा उनका दोष का सम्मान-
खून की होली खेल रहे, हो रहा कत्ले आम-
चीर हरण हो रहा यहां देखो यहां खुले आम-
देश की अमानत पूंजी लोग ले भाग रहे-
उद्योगपति बेईमान, सरकार सो रहा यहां बिस्तर तान...

Posted on: Mar 23, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH

मुझे कृष्ण रंग है प्यारा, मुझे श्याम रंग ने दुलारा...होली गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक होली गीत सुना रहे हैं:
मुझे कृष्ण रंग है प्यारा, मुझे श्याम रंग ने दुलारा-
बोलो कृष्ण रंग की होली, मरो प्रेम रंग पिचकारी-
भर लो प्रेम प्यार से झोली, बोलो प्रेम प्यार की बोली-
मुझे कृष्ण रंग है प्यरा, मुझे श्याम रंग ने दुलारा-
भर लो प्रेम प्यार से झोली, बोलो प्रेम प्यार की बोली...

Posted on: Mar 10, 2019. Tags: CG HOLI KANHAIYALAL PADHIYARI RAIGARH SONG

मेरा मन प्रेम पुजारी, मेरा मन जाया रे...होली गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक होली गीत सुना रहे हैं:
मेरा मन प्रेम पुजारी, मेरा मन जाया रे-
कोई कहे नंदलाल, कोई कहे मुरली वाला-
कोई कहे धरो धरो, कोई कहे बांध डारो-
कोई कहे मधुवाला, कोई कहे गोपाला-
कोई कहे दधि चोर, कोई कहे माखन चोर...

Posted on: Mar 10, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADHIYARI RAIGARH SONG

मच्छर दादा मच्छर दादा मेरे घर तुम ना आना...बाल कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे हैं:
मच्छर दादा मच्छर दादा मेरे घर तुम ना आना-
मेरे घर में आकर तुम अपना सुई ना चुभाना-
बड़ा दर्द होता हैं पड़ता है खुजलाना-
लाते हो तुम मलेरिया हैजा सभी ने यही हैं जाना-
तुम चुपके- चुपके आकर कानों में ना भुनभुनाना-
तुम आकर काटते हो तो पड़ता हैं अस्पताल जाना...

Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG CHILDREN KANHAIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH

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