मम्मी और बेटी के बीच की वाद संवाद...

मम्मी बेटी से कहती है बेटी अब तुम लड़को से ज्यादा मटरगस्ती मत किया करो, तुम जवान हो चुकी हो, बेटी कहती है मम्मी इस उमर में मटरगस्ती नही करूंगी तो क्या बुढ़ापे में करूंगी-
मम्मी-अब तुम लड़को से ना मिला करो बदनामी होगी-
बेटी-आप भी तो अप्पू अंकल से पापा से छुप-छुपकर मिला करती हैं, क्या आपकी बदनामी नही होती है-
मम्मी-बेटी मै तो मम्मी बन चुकी हूँ, मेरा क्या है पर अभी तुम कवारी हो, तुम्हारी शादी तक नही हुई है-
बेटी-मम्मी मेरी भी शादी हो जाएगी, मै भी माँ बन जाउंगी आप चिंता किया ना करें-
मम्मी-बेटी तुमको कौन समझाए, तुम तो नासमझ, बड़ी जिद्दी हो-
बेटी-मम्मी आप भी तो मेरी उमर में बड़ी जिद्दी नासमझ रही होंगी, इसलिए तो मै भी आप की तरह हूँ-
मम्मी कोई जवाब नही दे पाती, दोनों चुप होकर अलग-अलग चले जाते हैं...

Posted on: Sep 23, 2018. Tags: CG KANAHIYALAL PADIYARI RAIGARH STORY

आमा ला खा के लोग बचावत रहिन परान गा...आम पर कविता-

कन्हैयालाल पड़ियारी ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से आम के विभिन्न प्रकार के नाम बताते हुवे कविता सुना रहे हैं, वे कह रहे हैं कारखाने के कारण आम के ये प्रकाश ख़त्म हो रहे हैं :
चंद्री आमा, लोढ़ा आमा, घोलघोली आमा, कच्चा साधी कीरी आमा, पतरलुका आमा, असडिया कपूर आमा, केरा आमा, गिकुवारी आमा, तोतापरी, केसनाही आमा, लेसुन आमा, नगरिन गिरहा, पानी आमा, कठर्री आमा-
आऊ आनी-बानी के नाम गा,
आमा ला खा के लोग बचावत रहिन परान गा-
लोगन काटिन डारा पाना करिन सत्यानाश गा...

Posted on: Sep 19, 2018. Tags: AGRICULTURE CG KANAHIYALAL PADIYARI MANGO POEM RAIGARH

शासन प्रशासन कर दिया साला, निजी कंपनी के हवाला...कविता

कन्हैयालाल पड़ियारी, ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से एक कविता सुना रहे है:
शासन प्रशासन कर दिया साला-
निजी कंपनी के हवाला-
जनता पड़ गए उनके पाला-
निकाल रहे हीरा काला-
किसानी जमीन हो गया निवाला-
दर-दर भटक रहा दाऊ लाला-
नेता दलाल हो गए माला-माल-
किसान जनता हुए हलाल...

Posted on: Sep 11, 2018. Tags: CG KANAHIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH