बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना...बाल कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे है:
बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना-
मेरे घर के छप्पर में आकार उसे ना उजाड़ना-
बड़ा महंगा पड़ता है, फिर उनको संवारना-
बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना-
बंदर मामा बंदर मामा-
केले बाड़ी में तुम न आना – मेरा केला के बाड़ी में आकर-
उन्हें तुम न उजाड़ना-
बड़ा महंगा पड़ता है उन्हें फिर लगाना-
बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना...

Posted on: Sep 05, 2018. Tags: CG CHILDREN KANAHIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH

सोना कहे सोनार से क्या खैचेगा मोय... दोहा

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडीयारी एक दोहा सुना रहे है:
सोना कहे सोनार से क्या खैचेगा मोय-
एक दिन ऐसा आयेगा मै खैचूंगा तोय-
अर्थात : सोना को सोनार खीचते हुए देखता है, तो सोना अपने मन में कहता है तू क्या मुझे खिचेगा, मैं एक दिन तुझे ऐसा खैचूंगा कि तू इस सृष्टि में फिर आ भी ना सकेगा...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG HINDI KANAHIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH

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