त्रिकोना समोसा भाई, तुमने सारी चीजे खाई...समोसे पर कविता

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया समोसे पर एक कविता सुना रहे है:
त्रिकोना समोसा भाई, तुमने सारी चीजे खाई-
आलू और खटाई खाई, खाया सारा मिर्च मसाला-
मुह तो छोटा सा है, लेकिन तेल कढ़ाई भर पी डाला-
इतना सारा खाया फिर भी प्याज मंगाते लाज ना आई-
त्रिकोने समोसे भाई,गरम-गरम खाए हम सब कुछ-
फिर भी नरम तुम्हारी काया, सोच-सोच हैरान बहुत हूँ-
समझ न पाया तेरी माया....

Posted on: Mar 05, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

जाग जा खेती करोया बाहर से आवत है लुटिया...किसानो पर गीत

ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया किसानो पर आधारित एक गीत सुना रहे हैं :
जाग जा खेती करोया बाहर से आवत है लुटोया-
धरती ला लूटत है, शोषण ला करत है-
गुंडागर्दी करत है, बाहर से आवत है लुटोया-
जगा, जगा खेती करो यार-
धन ला लूटे, ईमान ला लूटे-
यही है बैमानी करे यार-
बाहर से आवत है लुटोया...

Posted on: Mar 04, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

हाथी करे परेशान, हाथी मन करे परेशान...हाथी गीत

ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह पाया बोल रहे हैं कि उनके घर के पास गाँव में जंगल में हाथी परेशान करता है, हम ग्रामीणों की मदद की जाए-कृपया आप इन नम्बरों पर फ़ोन कर दबाव बनाए- कलेक्टर सूरजपुर@9893509012, वन विभाग के गार्ड,(दरोगा)@8889472625 और इसी विषय पर एक स्वरचित गीत सुना रहे हैं:
हाथी करे परेशान, हाथी मन करे परेशान-
हमर फुतकी में प्राण संगी हाथी करे परेशान-
नींद भर सुथी नहीं, भूख भर खाना नहीं-
हमके करथे परेशान-
हाथी करे परेशान, हाथी मन करे परेशान...

Posted on: Feb 28, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

चुमू कहर चुमुक-चुमुक बाजे रे सैया हमर घर आवे...फागुन गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक फागुन गीत सुना रहे है:
चुमू कहर चुमुक-चुमुक बाजे रे सैया हमर घर आवे-
रानकर ला हरा यहाँ उड़कर फहरा यहाँ सैया हमर घर आवे-
गंगा के लहर-लहर दूर के फहर-फहर अब लहर दा रे-
चुमू कहर चुमुक-चुमुक बाजे रे सैया हमर घर आवे...

Posted on: Feb 22, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

लाख-लाख गाँव वाला है, हिन्दुस्तान किसान का...किसान कविता

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया खेती-किसानी और भारतीय किसान पर एक कविता सुना रहे है:
लाख-लाख गाँव वाला है, हिन्दुस्तान किसान का-
करने को निर्माण चला है यथा वीर जवान का-
सींच पसीने की बूंदों से धरती हरी बनायेंगे-
ऊपर बंजर धरती में भी फसल नया उगायेंगे-
भाग्य सजाने चले आज हम खेती व खलियानों का...

Posted on: Feb 20, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

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