आरती हो रही रे बुढा देव सतरंगी ध्वजा लहराए...गोंडवाना भक्ति गीत-

ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक गोंडवाना भक्ति गीत सुना रहे हैं :
आरती हो रही रे बुढा देव सतरंगी ध्वजा लहराए-
सुमरनी हो रही रे बुढा देव सतरंगी ध्वजा लहराए-
कोन माढावे तोर ठाना कौन पूजन हारे-
कोन करत है तोर सुमरनी कोन गुण गावे-
साज मडा तेरो ठाना कोयतोर पूजन हार-
लिंगो करत है तोरी आरती कोयतोर पूजन हार...

Posted on: May 21, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

क क रे आवहे रे, तील चोह बुकारा काह करा आवहे रे...दमकच गीत

ग्राम-देवरी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छतीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया सरगुजिहा भाषा में एक दमकच गीत सुना रहे है :
क क रे आवहे रे, तील चोह बुकारा काह करा आवहे रे-
तील चोह बुकारा कहा, कहा आवो रे संगी आवो रे बारा-
माहेर माहेल ऐ जारे चोला, आवले बाराती नी रे आवले बारात-
क क रे आवहे रे, तील चोह बुकारा काह करा आवहे रे...

Posted on: May 20, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

झूमर-झूमर गीत गाबो मोर संगी रे...सीजीनेट गीत -

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया
सीजीनेट पर एक गीत सुना रहे हैं :
झूमर-झूमर गीत गाबो मोर संगी रे-
सीजी नेट में रिकॉर्ड कराबो-
रोजगार विधवा पेंश्वन समस्या ला-
खोज-खोज रिकाड करबो-
झूमर-झूमर गीत गाबो मोर संगी रे...

Posted on: May 17, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

इस समाज की क्या है मूरत, अनपढ़ हैं... शिक्षा पर कविता -

ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया से शिक्षा पर एक कविता सुना रहे हैं :
इस समाज की क्या है मूरत, अनपढ़ हैं-
माताएं-बहाने आखिर क्यों अनपढ़ हैं-
घर-घर में कर दो ऐलान-
लड़की-लड़का एक सामान-
इन पर कोई भी हमला न होने देंगे-
अपनी लोक कलाओं को न खोएंगे-
पढ़ा-लिखा जब होगा गावं-
तभी मिलेगा सुखी की छावं-
बच्चे हैं हिस्सा समाज का-
इनको भी आधार मिले-
शिक्षा का बल साथ अगर-
फिर आसान हर एक सफ़र है-
यही हम औरतों को हक़ मिलेगा-
एक जोर से दस टकों को परवाना खुलेगा-
इस समाज की क्या है मूरत अनपढ़ हैं...

Posted on: May 15, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

जय-जय सुमिरो फडापेन, सुमिरो जय फडापेन...गोंडवाना धर्म गीत -

ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक बड़ादेव सुमिरन गीत सुना रहे है :
जय-जय सुमिरो फडापेन,सुमिरो जय फडापेन-
तुमको निस दिन दहावे, शरणा में फडापेन-
जय-जय सुमिरो, पड़ा पेन, सुमिरो जय फडापेन-
आदि अनादी, अभी चल अविनाशी-
सेवा अभी चल अविनाशी-
जय जय सुमिरो,फडापेन, सुमिरो जय फडापेन...

Posted on: May 15, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

« View Newer Reports

View Older Reports »

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download