Bastar bultoo (Bluetooth) Radio in Gondi And Chhattisgarhi language: 21st Jan 2019…

Today Sarla Shriwas and Rama Kadyam are presenting Bastar Bultoo Radio in Chhattisgarhi and Gondi languages in this latest edition with stories from Bastar Chhattisgarh. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now, this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download center nearby. They can also get it from someone nearby with the smartphone and then via Bluetooth.

Posted on: Jul 21, 2018. Tags: BULTOO RADIO RAMA KADIYAM SARLA SHRIVAS

स्कूल पढने वाली एक लड़की की कहानी (गोंडी भाषा में)

ग्राम-गुंदुल, तहसील-पखांजूर, विकासखंड -कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमा कडियम एक गोंडी कहानी बता रही है : स्कूल में एक नई लड़की ने प्रवेश लिया, सर ने क्लास में रूपा को परिचय कराया, इस क्लास में रूपा पढेगी फिर वे रूपा से बोली ,रूपा ! तुम्हारी सहपाठिने तम्हें बता देंगी कि वे कौन-कौन से पाठ पढ़ चुकी है कोई कठिनाई होने पर वे तुम्हारी सहायता करेगी | रूपा कम पढ़ती है ,रूपा कम बोलती थी ,वह चुप ही रहती थी उसकी सहपाठिन उससे बात करना चाहती थी ,लड़कियों ने भी दो -तीन दिन तो उससे बात करने की कोशिश की ,फिर वे अपनी-अपनी सहेलियों में मस्त हो गई, उन्हें लगा रूपा किसी से बात करना पसंद नहीं करती. एक दिन स्कूल से बच्चे पिकनिक सर मेडम लोग के साथ मनाने गये ,सबने सोचा ,रूपा नहीं जाएगी परन्तु पिकनिक के दिन रूपा ही पहले विद्यालय के फाटक पर खड़ी थी ,पिकनिक का स्थान छोटी झील का किनारा था ,ऊँचे-ऊँचे वृक्षों से घिरा यह स्थान पिकनिक के लिए बहुत उपयुक्त था. पहाड़ी स्थल होने के कारण ऊँची-नीची भूमि पर खिले रंग -बिरंगे फूल और लतायें झील की शोभा और भी बढ़ा रही थी लड़कियां वहां जाकर हंसी. लडकियों के ठहाको से वातावरण गूंजने लगा. सभी इधर-उधर भाग कर अपने लिए अच्छे-अच्छे स्थान खोजने लगी. मेडम ने एक सुंदर जगह देखकर दरिया बिछवा दी और बोला पहाड़ के ऊपर इधर-उधर घूमने जाना नहीं चाहिये .पहाड़ में जंगल बहुत है | सभी एक साथ रहेंगे किसी को झगड़ा नही करना चाहिए | बच्चो को अच्छे खाना बनाकर खिलाएंगे बच्चे बहुत खुश हुये. मेडम और सर भी बच्चो के साथ बहुत खुश थे |

Posted on: Jul 11, 2018. Tags: GONDI STORY RAMA KADIYAM

चोली रिलो रिरिलो चोली रिलोयो रिलो...गोंडी शादी गीत

ग्राम-गुन्दुल, पोस्ट-पानीडोबीर, विकासखंड-कोयलीबेडा, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमा कडियम एक गोंडी गीत सुना रही है, इस गीत को शादी के समय गाया जाता है:
चोली रिलो रिरिलो चोली रिलोयो रिलो-
तेदा रा दुला नीके बलाह हुस्कल रा दुला-
नीके लजा वायो रा ये दादा दुला-
नीके लजा वायो रा ये दादा दुला-
चोली रिलो रिरिलो चोली रिलोयो रिलो-
चोली रिलो रिरिलो चोली रिलोयो रिलो-
लयन तता वतोंन रा ये दादा दुला-
लयन तता वतोंन रा ये दादा दुला-

मंडा हुडी वतीन डा ये दादा दुला-
मंडा हुडी वतीन डा ये दादा दुला...

Posted on: Jul 09, 2018. Tags: GONDI SONG RMA KADIYAM

तोता और मैना की कहानी (गोंडी भाषा में)

ग्राम- गुन्दुल, पोस्ट-पानीडोबरी, विकासखंड-कोयलीबेडा, तहसील-पखांजूर जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमा कडियम गोंडी भाषा में एक कहानी बता रही है. कहानी इस प्रकार है: एक पिंजरे में बंद तोता से मैना बोली आप बहुत मजे में रहते हो| बैठे-बैठे अच्छा-अच्छा खाना मिलता है. बहुत बढ़िया पानी भी मिलता है| काश मुझे भी ऐसी पिंजरे की जिंदगी मिल जाती मुझे तो दिन रात भोजन और पानी के लिए भटकना पड़ता है तब कही अन्नकण अपने पल्ले पड़ते है| आप चाहते है की पिंजरे की जिन्दगी मिले तो ठीक है आ जाओ पिंजरे में मै जाता हूँ वन में ऐसे कहकर तोता जंगल में उड़ गया |

Posted on: Jul 09, 2018. Tags: GONDI KAHANI RMA KADIYAM

गोटुल में सुनाये जाने वाला गोंडी हट्टोन्ग

ग्राम-गुन्दुल, पोस्ट-पानीडोबीर, विकासखंड-कोयलीबेडा, तहसील-पखांजूर जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमा कडियम एक हट्टोन्ग सुना रही है. गोंडी संस्कृति में हट्टोन्ग सुनाने का रिवाज है, बहोत पहले ज़माने में गोटुल में हट्टोन्ग सुनाया करते थे! कई इलाको में आज भी जीवित है, यह वही हट्टोन्ग है:

लोपा लोपा तिनमा दादन वह्चीकन,
(अन्दर अन्दर मत खाओ भैया को बताउंगी)
उचुह्नोर पेकाल राजान संग उधिस तिन्तोर-
(छोटासा लड़का राजा के साथ बैठकर खा रहा है)
हुडिलोर पेकाल कड्स कड्स दायतोर-
(एक छोटा सा लड़का है वो जोर जोर से चल रहा है )
नडुम नडुम मंडा..रंड वडकेंग टोंडा-
(बीच बीच में मडवा है दोनों किनारे में नार)
दडीया मेंड रुपियानुंग लकला परनाह आयो-
(थाली भर के रूपये को गिन नहीं सकते है)
दोड भूम ता लया वाता..कोकोहने पिला एतीता-
(एक निचे गाँव से लड़की आई है एक नन्ही सी बच्ची पाई है )
वर्रोर पेकाल कड़ीहच कड़ीहच गत्ते उह्यान्तोर-
(एक लड़का जुक जुक के कपड़ा पहन रहा है )
उह्ताय्तोर, पुयले पुन्गार तुन..कोय परनाह आयो-
(खिला हुआ फूल को हम तोड़ नही सकते है)

Posted on: Jul 07, 2018. Tags: GONDI RMA KADIYAM

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