सहकार रेडियो : बाल चौपाल (पत्रकार नेल्ली ब्लाई की कहानी)...

बच्चों, बाल चौपाल में आज सुनिए 72 दिनों में दुनिया का चक्कर लगाने वाली महिला पत्रकार नेल्ली ब्लाई की कहानी| पिछले सप्ताह भी हमने नेल्ली ब्लाई के जीवन से जुडी एक अन्य कहानी प्रसारित की थी| आज सुनिए उनसे जुड़ी एक और कहानी | इस कार्यक्रम को 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सुन सकते हैं |

Posted on: Oct 24, 2020. Tags: BAL CHAUPAL SAHKAR RADIO

सुख के सब साथी, दुःख में न कोय...भक्ति गीत-

ग्राम-आमनदुला, जिला-जांजगीर चाम्पा (छत्तीसगढ़) से चंद्रकांत लहरे हिंदी भक्ति गीत सुना रहे हैं:
सुख के सब साथी, दुःख में न कोय-
मेरे राम, मेरे राम, तेरो नाम एक सांचा-
दूजा न कोय, सुख के सब साथी-
जीवन आंनी जानी काया-
झूठी माया झूठी काया-
फिर काहे को सारी उमरिया-
पाप की गठरी ढोए-
सुख के सब साथी, दुःख में न कोय...

Posted on: Oct 23, 2020. Tags: BHAKTI SONG

सहकार रेडियो : बाल चौपाल (घुमक्कड़ों के किस्से)

बच्चों, बाल चौपाल में आज सुनिए घुमक्कड़ डोमिनीक लापिएर की कहानी| लेखन व स्वर है पटना, बिहार से अमिताभ कुमार दास अंकल का| ध्वनि सम्पादन किया है शिल्पी दीदी ने| तो इसे सुनिए, अपने दोस्तों को शेयर कीजिए और ये कहानी आपको कैसी लगी, कमेन्ट बॉक्स में हमें ज़रूर बताइयेगा|इस कार्यक्रम को 0805006800 पर मिस्ड कॉल कर सुन सकते हैं| ये कार्यक्रम सहकर रेडियो से लिया गया है|

Posted on: Oct 21, 2020. Tags: BAL CHAUPAL SAHKAR RADIO

मेरा मुल्क मेरा देश,मेरा ए वतन...देशभक्ति गीत-

ग्राम-छिंदवाड़ा, ब्लॉक-दरभा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से राजकुमारी वड्डे एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं-
मेरा मुल्क मेरा देश,मेरा ए वतन-
शांति का उन्नति का प्यार का चमन-
इसके वास्ते निहार है मेरा तन मेरा मन-
ए-वतन ए-वतन ए-वतन-
जानेमन जानेमन जानेमन-
मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ए वतन-
शांति का उन्नति का प्यार का चमन-
इसके वास्ते निसार है मेरा तन,मेरा मन-
ए-वतन,ए-वतन,ए-वतन-
जानेमन-जानेमन-जानेमन...

Posted on: Oct 17, 2020. Tags: BHAKTI SONG

हर देश मे तू, हर भेष मे तू...प्रार्थना गीत-

ग्राम-धनहा,मध्यप्रदेश से संदीप कुशवाहा एक गीत सुना रहे हैं-
हर देश में तू हर वेश में तू,तेरे नाम अनेक तू एक ही है-
तेरी रंगभूमि यह विश्व भरा, सब खेल में मेल में तू ही तू-
हर देश में तू हर वेश में तू,तेरे नाम अनेक तू एक ही है-
सागर से उठा बादल बनके,बादल से गिरा जल होकर के-
फ़िर नहर बनी नदिया गहरी,तेरे भिन्न प्रकार तू एक ही है-
हर देश में तू हर वेश में तू,तेरे नाम अनेक तू एक ही है-
मिट्टी से अणु,परमाणु बना,सब जीव-जगत का रूप लिया
कहीं पर्वत वृक्ष विशाल बना,सौन्दर्य तेरा तू एक ही है-
हर देश में तू हर वेश में तू,तेरे नाम अनेक तू एक ही है-

Posted on: Oct 17, 2020. Tags: BHAKTI SONG

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