खाना खाना आता है, हांजी हांजी हाँ...बाल कविता

जय किशोर मुजफ्फरपुर बिहार से एक बाल कविता सुना रहे हैं:
खाना खाना आता है, हांजी, हांजी हाँ-
खाना बनाते आता है, ना जी ना, खाने की हाँ बनाने की ना-
खाने की हाँ बनाने की ना, ऐसे में कैसे चले जहाँ – कपडा पहनने आता है, हांजी, हांजी हाँ-
कपडा धोना आता है, ना जी ना-
पहनने की हाँ धोने की ना, ऐसे में कैसे चले जहाँ...

Posted on: Feb 07, 2017. Tags: Jaikishore

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download