निराला निकेतन में समाधियो का इतिहास... कहानी

जिला-मुज्जफरपुर (बिहार) से जय किशोर बिहार की एक इतिहासिक कहानी बता रहे है ये बता रहे हैं कि चतुर्भुज मंदिर के पास निराला निकेतन एक ऐसी जगह है जहा कई अदभुत समाधियाँ है ये समाधियाँ कई वर्ष पुरानी है जो इन्सान की नहीं बल्कि गाय,भैस और पालतू कुत्ते की समाधि है जिनकी संख्या सैकड़ो में है ये बता रहे है ऐसी समाधियाँ और कही नहीं है जब भी बिहार आये तो इन समाधियो का दर्शन जरुर करें-

Posted on: Feb 15, 2019. Tags: JAY KISHOR SONG VICTIMS REGISTER

कोयल बसंत में ही कूकती हैं और बाद में भी हमारे आस पास रहती है पर आवाज़ नहीं निकाल पाती...

जय किशोर आज हमें प्रकृति के विभिन्न तौर तरीके के बारे में बता रहे हैं वे बता रहे हैं कि बसंत ऋतु में कोयल की कूकने की मीठी बोली सुनाई देती है जिसे सभी बहुत पसंद करते हैं पर वसंत के जाते ही उसका कूकना सुनाई देना बंद हो जाता है तो क्या वसंत के बाद कोयल कहीं चली जाती है? ये बता रहे हैं कि कोयल बसंत ऋतु के बाद भी कही नहीं जाती है, हमारे आस-पास ही रहती है लेकिन मौसम में बदलाव के वजह से उसका गला फट जाता है और वह बोल नहीं पाती है वह सिर्फ बसंत में ही बोल पाती है | वे कह रहे हैं कि वे कोयल की आवाज़ खुद निकालते हैं और वसंत ऋतु में जब वे ऐसा करते हैं तो कोयल उनके पीछे आवाज़ निकालती है पर वसंत के बाद वे कोशिश करती हैं पर आवाज़ निकाल नहीं पाती | जय किशोर@7033911979

Posted on: May 23, 2017. Tags: JAY KISHOR SONG VICTIMS REGISTER