मन खेला जीवन जिए भर पेज पसिया काफी है...छत्तीसगढ़ी कविता-

ग्राम-दक्कोटोला, पोस्ट-चिल्हाटी, तहसील-अम्बागढ़ चौकी, जिला-राजनंदगाँव, छत्तीसगढ़ से जयसिंह मोरले एक कविता सुना रहे है, शीर्षक जीवन जिए भर काफी है: 
मन खेला जीवन जिए भर पेज पसिया काफी है-
जन बुलाओ दाई दादा ला मया के अचरा काफी है-
मेहनत कस मन के भर तोरकुम भुइया काफी है-
मया गोट बतातुं संगी मरार भर एक हरिया काफी है-
किसम-किसम के उपजारे संगी साख भाजी चूर चुटिया काफी है- 
मेहनत कस मन के भर तोरकुम भुइया काफी है... 

Posted on: Jun 30, 2020. Tags: JAISINGH MORLE POEM RAJNANDGAON CG