तेदू बुद घने घान तेंदू बुद तारी रे, गुन्दारू मांदर झूले...पहाड़ी कोरवा भाषा में करमा गीत

ग्राम-सल्खेता, जिला-रायगढ़, छत्तीसगढ़ से कुमारी इतवारी बाई पहाड़ी कोरवा भाषा में एक करमा गीत सुना रही है:
तेदू बुद घने घान तेंदू बुद तारी रे गुन्दारू मांदर झूले रे गुन्दारू मांदर झूले-
तेदू बुद घने घान तेंदू बुद तारी रे गुन्दारू मांदर झूले रे गुन्दारू मांदर झूले-
इ नै ये जोड़ी नयी ए नै मिले नौकड़ी ए नइये जोड़ी नइये नौकड़ी-
ऐ तो नइये जोड़ी रे ए एतो नइये नोकड़ी ऐ तो नइये जोड़ी-
तेदू बुद घने घान तेंदू बुद तारी रे गुन्दारू मांदर झूले रे गुन्दारू मांदर झूले-
तेंदू बुद तारी रे गुन्दारू मांदर झूले रे गुन्दारू मांदर झूले...

Posted on: Dec 01, 2016. Tags: ITWARI BAI