बकरी का सुरक्षित बंधिया करण कैसे करायें...

मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से बकरी पालन समूह और सभी बकरी पालन करने वाले श्रोताओं को कार्यक्रम के माध्यम से बकरी का सुरक्षित बंधिया करण कैसे करायें और किससे कराये बता रहे हैं, इस विषय पर जानकारी के लिये आइये सुनते हैं कार्यक्रम जिसे प्रस्तुत कर रहे हैं सरला श्रीवास और अनीता कुमारी|
जब बकरी बीमार पड़े तो उस समय गांव के पशु सखी से संपर्क करें और सलाह लें...

Posted on: Jan 02, 2020. Tags: BIHAR INFORMATION MUZAFFARPUR SARLA SHRIWAS SUNITA KUMARI

बकरी को खाने के लिये क्या दें और क्या नहीं दें...

मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से बकरी पालन समूह और सभी बकरी पालन करने वाले श्रोताओं को कार्यक्रम के माध्यम से बकरी को खाने के लिये क्या देना चाहिये बता रहे हैं, बकरी का पाचन तंत्र और मनुष्य का पाचन तंत्र अलग होता है इसलिये उसे चावल नहीं खिलाना चाहिये, घास, पत्ती, चूरा आदि खिलाना चाहिये इस विषय पर जानकारी के लिये आइये सुनते हैं कार्यक्रम जिसे प्रस्तुत कर रहे हैं सरला श्रीवास और अनीता कुमारी|
जब बकरी बीमार पड़े तो उस समय गांव के पशु सखी से संपर्क करें...

Posted on: Jan 01, 2020. Tags: BIHAR INFORMATION MUZAFFARPUR SARLA SHRIVAS SUNITA KUMARI

साल में 3 बार बकरी को कीड़े मारने की दवा पिलायें...

मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से बकरी पालन समूह और सभी बकरी पालन करने वालो को बकरी के बीमार होने और पेट में कीड़े होने पर क्या करना चाहिये और कैसे रखना चाहिये इस विषय पर जानकारी देने के लिये कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया है जिसे सरला श्रीवास और अनीता कुमारी प्रस्तुत कर रही हैं|
जब बकरी बीमार पड़े तो उस समय पशु सखी से संपर्क करें, बीमार बकरी को दूसरे बकरियों से अलग रखें और नियमित टीका लगवायें जिससे बीमारी से बचाया जा सके|

Posted on: Dec 31, 2019. Tags: ANITA KUMARI BIHAR INFORMATION MUZARFFARPUR SARALA SHRIWAS

आसानी से बनाया जा सकने वाले जैविक खाद के उपयोग और लाभ-

रायपुर (छत्तीसगढ़) से आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल पूजा साहू बता रही हैं, उनके समूह का नाम जय माँ लक्ष्मी स्वसहायता समूह है, वे जैविक खाद बनाने का काम करते हैं समूह में 10 सदस्य हैं खाद बनाने के लिये गोबर, घास का उपयोग करते हैं, इसी उत्पाद को लेकर वे स्टॉल लगाते हैं, इसे उन्हें रोजगार मिलता है, ये उत्पाद घर पर आसानी ने बना सकने वाला उत्पाद है और जैविक खाद के उपयोग से भूमि की उपजाऊ क्षमता बढाती है|

Posted on: Dec 30, 2019. Tags: BHAN SAHU CG INFORMATION RAIPUR

मशरूम की खेती के फायदे-

रायपुर (छत्तीसगढ़) से दीपक साहू बता रहे हैं, वे स्वसहायता समूह के कार्यक्रम में जुड़े हैं, मशरूम उत्पादन का काम करते हैं जिसमे उन्हें इंदिरागांधी कृषि विद्यालय रायपुर से सहयोग मिलाता है वे मशरूम का स्टॉल लगाये हैं, बाजार में इसका अच्छा दाम मिल जाता है, 60 रुपये से 200 रुपये तक प्रति किलो मिल जाता है, इसकी खेती वेस्ट मटेरियल से किया जाता है, मशरूम स्वास्थ्य के लिये अच्छा होता है|

Posted on: Dec 30, 2019. Tags: BHAN SAHU CG INFORMATION RAIPUR

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