अरे मुस्किल भेलई बड़ी भारी, उजड़ गेलय जंगल झाड़ी...

अरे मुस्किल भेलई बड़ी भारी
मुस्किल भेलई भारी हो २
उजड़ गेलय जंगल झाड़ी
मुस्किल भेलई भरी हो २
जंगल में मिलय नहीं
अबे झुरी काठी २
अबे झुरी काठी हो २
अब कैसे बनतय २
कालवा बियारी हो
उजड़ गेलय जंगल झाड़ी .......
मुस्किल भेलय ......
उजड़ गेलय ..........
मुस्कील भेलाई .....
जंगल में मिलय नहीं अबे जड़ी बूटी २
अबे जड़ी बूटी हो अबे जड़ी बूटी २
अब फ़ैल जेतय २
सगरो बीमारी हो
उजड़ गेलय जंगल .......
मुस्किल भेलय .......
कैसे बनत हर जुवाठ
कैसे बनत संडी २
अबे कैसे होवत
खेती और बारी हो
उजड़ गेलय जंगल झाड़ी
मुस्किल भेलय भारी

Posted on: Jul 10, 2013. Tags: Habib Naz

कावां चली आयलय, एड्स बड़का लाचारी आयलय...खोरठा गीत

अरे आवा सुना दादा हो ...लेला जानकारिया ,
कावां चली आयलय, एड्स बड़का लाचारी आयलय -२
अशुरक्षित यौन सम्बन्ध नहीं बनैयेहा , कंडोम लिहा जिनगी बचैयहा -2
आवा सुना दादा हो...लेला जानकारिया ,
कावां चली आयलय, एड्स बड़का लाचारी आयलय -२
संक्रमित सुई दादा नहीं लगैयहा , जांचल परखाल खून चाढाईहा -2
अरे आवा सुना दादा हो...लेला जानकारिया ,
कावां चली आयलय, एड्स बड़का लाचारी आयलय -२

Posted on: Apr 19, 2013. Tags: Habib Naz

कहाँ से आवल पूँजीपति लोगवा, फैक्टरी अपन खोलयी देले...एक खोरठा विस्थापन गीत

कहाँ से आवल पूँजीपति लोगवा, फैक्टरी अपन खोलयी देले।
कहाँ बसल दुशमनवा, जमीनवा हड़प लयले।
विदेश से आवल पूँजीपति लोगवा, फैक्टरी अपन खोलयी दे ले।
दिल्ली में बसल दुशमनवा, जमीनवा हड़प लयले।
कीया-कीया लयले, कीया-कीया देले,जमीनवा हड़प लयले।
नौकरी के देले प्रलोभनवा, जमीनवा हड़प लय ले।
जमीन-जगह लय ले,कुछो फिर ना देले, जमीनवा हड़प लयले।
फैक्टरी बसाय देले, प्रदूषण फैलाई देले, जमीनवा हड़प लयले।

Posted on: Apr 01, 2013. Tags: Habib Naz

अरे माई गो माई, ए गो भारत माई, तोर नामे हमीं देबो जिनगी गवाईं...

Habib Naz from Bokaro in Jharkhand is singing a patriotic song in Khortha language: अरे माई गो माई, ए गो भारत माई, तोर नामे हमीं देबो जिनगी गवाईं...For translation Habib Ji can be reached at 09534087826

Posted on: Mar 03, 2013. Tags: Habib Naz

परदेस जाए दादा, तेरे बिन हमने को मनवा ठीक लागे ना रे...एक पलायन गीत

Habib Naz from Jharkhand is singing a song on the pains of forced migration in search of work: परदेस जाए दादा, तेरे बिन हमने को मनवा ठीक लागे ना रे.... For more Habib can be reached at 09534087826

Posted on: Feb 27, 2013. Tags: Habib Naz

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