सावधान हो देशवासियों संसद आज हमारी...कविता

ग्राम-सिवनी, तहसील-मरवाही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से कामता शर्मा एक कविता सुना रहे है:
सावधान हो देशवासियों संसद आज हमारी-
नेताओ की समर भूमि बन गई देश लो भारी-
एक से बढ़कर एक धुरन्दर यहाँ पाप की भोगी-
डसनी कस कर रहे माफिया सरकारी अभियोगी-
अपराधी लमपट गवार से इक्षाचारी खड़ेयत्री-
धन लो कपटी कामी बन गये देश के मंत्री...

Posted on: Aug 18, 2018. Tags: BILASPUR CG HINDI POEM KAMATA SHARMA

फूलों से नित हँसना सीखो, भौरों से नित गाना...कविता

ग्राम-सालकट्टा, पंचायत-गोंडदिनापाल, विकासखण्ड-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से फातिमा विनीता एक कविता सुना रही हैं:
फूलों से नित हँसना सीखो, भौरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों से नित सीखो-
शीश झुकाना, सीख हवा के झोको से लो-
कोमल भाव बहाना, दूध तथा पानी से सीखो-
मिलना ओर मिलाना,सूरज की किरणों-
से सीखो जगना ओर जगाना-
लता और पेड़ो से सीखो सबको गले लगाना...

Posted on: Aug 17, 2018. Tags: FATIMA HINDI POEM KANKER CG VINEETA

पीपल की ऊँची डाली पर बेठी चिड़िया गाती है...बाल कविता

ग्राम-मेंढारी, पोस्ट-करमडीहा, तहसील-वाड्रफनगर, थाना-बसंतपुर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से अंजनी नेटी एक कविता सुना रही है:
पीपल कि ऊँची डाली पर बेठी चिड़िया गाती है-
तुम्हे याद अपनी बोली में क्या सन्देश सुनाती है-
चिड़िया बेठी प्रेम प्रीत की रीत हमें सिखलाती है-
वह जग के बंधी मानव को मुक्त मन्त्र बतलाती है-
सब मिल जुलकर रहते है वे सब मिल झूल कर खाते है-
आसमान ही उनका घर है जहाँ चाहते जाते है-
रहते जहाँ वही अपना घर बसाते है...

Posted on: Aug 16, 2018. Tags: ANJNI NETI BALRAMPUR CHHATTISGARH HINDI POEM

पेड़ो की झुरमुठों से आती है पैगाम...पेड़ पर कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी पेड़ो पर आधारित एक कविता सुना रहे हैं:
पेड़ो की झुरमुठों से आती है पैगाम-
मैं शांति की प्रतीक हूं उससे तुम महान-
तुमसे मैं नही मैं तो प्रकृति की देन हूँ-
पवन मुझे सुलाती है पवन मुझे उठाती है-
पवन के झोकों से बिखर कर अपने आप उगती हूँ-
मेघों को मैं ही बुलाकर जमकर बारिश कराती हूँ-
मुझसे भी ये ऊँचे-ऊँचे पर्वत में नदी नाला बनती हूँ...

Posted on: Aug 12, 2018. Tags: HINDI POEM KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH

सूरज सा चमकू मै,चंदा सा चमकू मै...बाल कविता

ग्राम-मोहली, पोस्ट-मोहली, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से नीलेंदर कुमार के साथ रोशनी एक कविता सुना रही है:
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै-
जगमग-जगमग हो उज्वल तारो सा दमकू मै-
मेरी अभीलाषा है,फूलो सा महकू मै-
विभो सा चह्कू गुन्जू सावनो पर कोयल सा कुह्कू मै-
मेरी अभिलाषा है नभ से निर्मल पानी-
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै...

Posted on: Aug 07, 2018. Tags: BALRAMPUR CG HINDI POEM NILENDARA KUMAR

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