कलप-कलप मन रोये नोनी तोर बिना...छत्तीसगढ़ी गीत

ग्राम-परमेश्वरपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़ी) से हरिश्चंद्र एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
कलप-कलप मन रोवय नोनी तोर बिना-
पाँव के पैरी ला दे दे चिन्हा-
भांटा नीरी बोयों सुग्घर बारी नइये गा-
बने रे पुरुष के सुन्दर नारी नइये गा-
लाली रे गुलाली फूलवारि नइये गा-
मन के मिलौना संगवारी नइये गा-
नवा हे मंदिर मा कलश नइये गा-
हाली के अवैया तोर दरस नइये गा...

Posted on: Feb 26, 2018. Tags: HARISHCHANDRA SURAJPUR

धरती ला काट-काट चंउरा छहवाबे नी रे...दोम्कच लोकगीत

ग्राम पंचायत-परमेश्वरपुर, पोस्ट केंवरा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर से हरिश्चंद्र एक दोम्कच लोकगीत सुना रहे हैं:
धरती ला काट-काट चंउरा छहवाबे नी रे-
झाले रे खूटा दैहा हमर मढवा तनाय-
मढवा तनत घनी झन रोबे दुल्हिन नोनी-
छतिया म दैहा रे पखाना खेल देबे-
तेल पियत घनी झन रोबे दुल्हिन नोनी-
छतिया मा लोलो रे पखाना खेल देबे...

Posted on: Feb 09, 2018. Tags: HARISHCHANDRA SURAJPUR

कुदरगढ़ी-कुदरगढ़ी अंबिकापुर महा माई...भजन गीत

ग्राम-परमेश्वरपुर, पोस्ट-केवरा, थाना-चंदोरा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से हरिश्चंद एक भजन गीत सुना रहे है:
कुदरगढ़ी-कुदरगढ़ी अंबिकापुर महा माई-
चौराकर सती माई सारा सुरक धाम विराजे भवानी-
सतलोकिन दाई सतबहनी सतलोकिन दाई सतबहनी-
बड़ा सुन्दर देखे वो चारो पहाड़-
दाई के मंदिर बने नदिया किनार-
कुदरगढ़ी-कुदरगढ़ी अंबिकापुर महा माई...

Posted on: Feb 07, 2018. Tags: HARISHCHAND SURAJPUR

देख ले नज़र से अपना हम, जिन्दगी गरीब के...कविता

ग्राम-परमेश्वरपुर, ब्लॉक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से हरिश्चन्द्र गीत सुना रहे है:
देखनि नज़र से अपना हम, जिन्दगी गरीब के-
जेकरा जबन बा मिलल, अपना नसीब से-
केहू करेला मजदूरी, केहू झरिया ला केहू कोढ़े-
लाज शरम के छोड़ी, वो करेला जी हुजूरी-
बाकि हो ना ताज महल, कोनो गरीब के-
देखनि नज़र से अपना हम, जिन्दगी गरीब के...

Posted on: Sep 09, 2017. Tags: HARISHCHANDRA

खेती-बाडी में मोर जिवान काटे ला, खेत-खलिहान भला सुन्दर लागेला...खेती गीत

ग्राम परमेश्वरपुर, पोस्ट केवरा तहसील प्रतापपुर, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रामभौरा फसल काटने के बाद गाये जाने वाला गीत सुना रहे है :
खेती-बाडी में मोर जिवान काटे ला, खेत-खलिहान भला सुन्दर लागेला-
सरगुजा कर भैया-बहिन खेलत तो झुमरी रे यही तो धरती में उगे हीरा-

मोती रे-उगे सोना चांदी रे, होथे बिहान जाथो मैं नांगर जोते...

Posted on: Dec 01, 2016. Tags: HARISHCHAND

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