अरे मज़हब जिसका प्यार हो वे इंसान चाहिए...देशभक्ति गीत

गीता ठाकुर मुजफ्फरपुर बिहार से एक देशभक्ति गीत सुना रही हैं:
अरे मज़हब जिसका प्यार हो वे इंसान चाहिए-
इस देश में ना हिन्दू ना मुसलमान चाहिए-
गीता ने कर्म सिखाया, बाइबिल ने दिया अहिंसा-
जीवों से तुम प्रेम करो, कहते हैं गुरुनानक देव-
हर आदमी को एकता का ज्ञान चाहिए-
ये जाति-पाति के गहने हमने खूब ही पहने-
एक-दूजे से मिलकर प्रेम चाहिए...

Posted on: Aug 01, 2016. Tags: Geeta Thakur

बिल्ली ने खोली स्कूल...बाल कवितायेँ

गीता ठाकुर मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार ) से कुछ बाल कवितायें सुना रही हैं:
बिल्ली ने खोली स्कूल-
लेके बैठ गई एक रुल-
माफ किया जब पूरी फीस-
चूहे आए पंद्रह बीस-
उल्टा सीधा पाठ पढ़ाई-
चुपके से एक चूहा खाई-
जाने किसने खोली पोल-
शोर किया और पीटा ढ़ोल
2
पैसा-पैसा होते तो चार चने लाते-
चार में से एक चना तोते को खिलाते-
तोते को खिलाते तो दाँत टूट जाते-
दाँत टूट जाता तो बड़ा मजा आता...
पैसा पैसा होता तो चार चने लाते-
चार में से एक चना घोड़े को खिलाते-
घोड़े को खिलाते तो पीठ पर बैठाता-
पिठ पर बैठाता तो बड़ा मजा आता-
पैसा पैसा होता तो चार चने लाते-
चार में से एक चना चूहे को खिलाते-
चूहे को खिलाते तो दाँत टूट जाता-
दाँत टूट जाता तो बड़ा मजा आता...

Posted on: Jul 28, 2016. Tags: GEETA THAKUR

माई गे हम बकरी न चरोबउ...बालिका की इच्छा

गीता ठाकुर मुजफ्फरपुर बिहार से एक बालिका जो बकरी चराती है उसकी स्कूल जाने की इच्छा पर एक गीत सुना रही हैं:
माई गे हम बकरी न चरोबउ-
माई गे हम तो पढ़े जाबउ-
बेटा के तू दूध पियावत हे-
हमरा के बासी रोटी खियावत हे-
माई गे हम बासी रोटी ना खाबउ-
माई गे हम तो दूध पीबउ-
माई गे हम तो डक्टर बनबउ-
माई गे हम तो इंजीनियर बनबउ-
माई गे हम कलेक्टर बनबउ-
माई गे हम तो एस पी बनबउ-
माई गे हम बकरी न चरोबउ...

Posted on: Jul 26, 2016. Tags: Geeta Thakur

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download