अंधकार से केवल दीपक है लड़ता...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ छत्तीसगढ़ से गोपीनाथ बेहरा एक कविता सुना रहे हैं:
अंधकार से केवल दीपक है लड़ता-
समझौता तो निहित स्वार्थ से दादा सूरज है करता-
सूरज कहता अंधकार से यह उचित मेरे विचार से-
आपस में क्यों हम टकरायें, कोई समझौता कर जाएँ-
दादागिरी में तुम महान हम भी है महान-
दुनिया की इस राज को बाँट ले आधा-आधा-
दिन को राज हमारा होगा रात तुम्हारी होगी-
बड़े ठाठ से तुम रहो रहे ठाठ से हम भी-
अंधकार से केवल दीपक है लड़ता...

Posted on: Sep 08, 2017. Tags: GOPINATH BEHERA