मत काट इन वृक्षों को इन्ही में तो ईमान बाकी है...पेड़ो पर कविता -

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से गोपाल प्रसाद गुप्ता पेड़ों पर एक कविता सुना रहे हैं :
मत काट इन वृक्षों को इन्ही में तो ईमान बाकि है-
हम जिन्दा हैं अब तक इन्ही से तो हमारी शान बाकि है-
जो देता है उसे ही मिटाते हैं-
परोपकारी है उसे ही जलाते हैं-
करता है जो जग की भलाई उसे ही काट रहे हो-
सच्चाई और भलाई का मिटने में-
ए बेईमान इंसानों में आज भी बाकि है-
पत्थर खाकर भी फल हमें खिलाते है-
कटकर भी हमारा आशियाना बनाते हैं-
श्रष्टि को चलाने का भार हैं इन पर-
अपना कर्तब्य ये बखूबी निभाते हैं-
ये हमारे जन्मों-जन्मों के साथी हैं-
हम काट रहे अपने सासों को-
भविष्य को अन्धकार कर रहे-
अपने आने वाले बच्चो के मौत-
का इंतजाम हम कर रहे-
हसी-ठिठोली और बुराई में पल गुजार रहे हो-
मान जा हमसे हो रही गलती क्योकि-
तख्ता-ताराज के लिए तूफ़ान आज भी बाकी है...

Posted on: May 21, 2017. Tags: GOPAL PRASAD GUPTA

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