वनांचल स्वर: खाद वाला धान खाकर लोग बीमार पड़ रहे, पहले ऐसा नहीं था: 90 वर्ष की गीलोबाई...

ग्राम-माड़ पखानजुर, पंचायत-उलिया, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ गाँव की 90 साल की बुज़ुर्ग महिला गीलो बाई हैं वे पने जीवन के बारें गोंडी भाषा में उनको बता रही हैं कि पहले ज़माने में शुद्ध खाना मिलता था, जंगल में बहुत सारी वनस्पतियां जैसे कन्दमूल, फल आदि भी मिलता था जो आज नहीं है | वे कह रही हैं कि पहले के समय में हम लोग कम बीमार पड़ते थे खुद मेहनत करके खाते थे और कोदो कुटकी की बहुत ज्यादा कमाई होती थी और कई किसानों के घरों में अनाज हुआ करता था पर अब खाद वाला धान मिलता है जिससे लोग बीमार पड़ रहे है और परेशान हैं | उस भोजन में स्वाद भी होता था अभी के भोजन में स्वाद भी अच्छा नहीं है...

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CHHATTISGARH GEELO BAI GONDI KANKER VANANCHAL SWARA