वनांचल स्वर- आदिवासी त्योहारों में वन से मिली औषधियों का महत्व...

ग्राम-धनेली कनार, तहसील-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सरत, साथ में गाँव के गायता कि वो नाग पंचमी पर वनों में मिलने वाले पेड़ों से, जड़ो से आदि से औषधियां बनाते हैं| पाड़ जली नामक औषधि से बुखार ठीक होता है, अब लोग अस्पताल जाने लगे हैं, पहले ऐसा नहीं था लोग हमारे पास ही आते थे इलाज के लिये| खेतो में दस्मूर कांदा और उसमें कई तरह की औषधियां मिलाकर गाय को पिलाते हैं| जानवरों को यह औषधियां पिलाने क बाद वो स्वस्थ्य रहते हैं| (RM)

Posted on: Feb 19, 2021. Tags: CG GAYTA KANKER VANANCHAL SWARA