वनांचल स्वर: हल्दी वनों में पाई जाती है और घरो में भी लोग लगाते हैं, यह भोजन भी है और दवाई भी -

सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-बईहा सालेभाट, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां बस्तीराम नागवंशी गाँव के गजेन्द्र सिंह वट्टी से बात कर रहे हैं जो उनको हल्दी के बारे में बता रहे हैं जो उनकी बाड़ी में लगा हुआ है वे बता रहे हैं कि हल्दी के पौधे को वे लोग जुलाई माह में लगाते हैं, और जब उसका पौधा सूख जाता है तो उसका कंद निकालते हैं, वही हल्दी है इस हल्दी का उपयोग खांसी होने पर दूध के साथ सेवन करते हैं, शादी में इसका लेप दूल्हा-दुल्हन के शरीर पर लगाते हैं, भोजन में भी उसका उपयोग होता है, चेहरे की फुंसिया दूर करने में भी उपयोग करते है, ये जंगल में पाया जाता है और लोग घरो में भी लगाते हैं |

Posted on: Aug 16, 2018. Tags: GAJENDRA SINGH WATTI KANKER CHHATTISGARH VANANCHAL SWARA