गांव में स्कूल के लिये अधिकारियों के पास आवेदन करते हैं, सुनवाई नहीं होती...कृपया मदद करें-

ग्राम-श्री रामपुरम, पंचायत-सारपाका, विकासखण्ड-दुर्गुमपाडू, जिला-भद्रादी कोठागुडम (तेलंगाना) से आनंद और राजेश बता रहे हैं| उनके गाँव में स्कूल नहीं है| बच्चे 6 किलोमीटर दूर सारपाका पढने जाते हैं| उन्होंने स्कूल की समस्या को लेकर गांव के सरपंच, सचिव के पास बात को रखा| लेकिन उस पर कोई काम नहीं हो रहा है| निवासियों का कहना है| गांव में स्कूल होने से बच्चों को दूर नहीं जाना पड़ेगा| वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं| दिये गये नंबरों पर बात कर स्कूल की समस्या को हल कराने में मदद करें : CEO@9705161754, कलेक्टर@9440366355. संपर्क नंबर (राजेश)@7093533071.

Posted on: May 29, 2019. Tags: BHADRADI KOTHAGUDAM DURGUMPADU KANHAIYALAL KEWAT TELANGANA

ओ हो हाय जंगल झाड़ी जाबो जी...कर्मा गीत-

ग्राम-कोटपारा, ब्लाक-दुर्गुकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर, कांकेर (छत्तीसगढ़) से गणेश सिंह आयाम एक कर्मा गीत सुना रहे हैं:
ओ हो हाय जंगल झाड़ी जाबो जी-
चार तेंदू टोरे ला जंगल झाड़ी जाबो गा-
चार टोरब, तेंदू टोरब, भेलवा टोरब गा-
भईया भेलवा तोरब न-
ओ हो हाय जंगल झाड़ी जाबो जी...

Posted on: Apr 23, 2019. Tags: BASTAR CG DURGUKONDAL GANESH AYAM SONG

ओरछा गाँव का नाम कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी (गोंडी)

ग्राम-ओरछा, पंचायत-इरपानार, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से दुर्गुराम कवाची (सरपंच) उनके ओरछा गाँव का नाम कैसे पड़ा उसके बारे में गोंडी में बता रहे है कि बहुत समय पहले उनके गाँव के आसपास पूरा जंगल था वहां पर 10-12 घर थे और ओरछा के पेड़ सबसे ज्यादा थे लेकिन वहां पर सरकार ने पूरे ओरछा के पेड़ कटवा दिए तो फिर वहां पर जनसँख्या बढ़ने लगी और उन्ही पेड़ो के कारण उस गाँव का नाम ओरछा रखा गया और यह जानकारी उनके गाँव के बुजुर्गो के माध्यम से मिली |आदिवासी गाँव अक्सर उनके आसपास पाए जाने वाले प्राकृतिक वस्तुओं पर रखे जाते हैं ओरछा को गराड़ी या गर्रा या विषफल भी कहते हैं घरों में बल्ली और खेतों में बागड़ की तरह यह उपयोग में लाया जाता है

Posted on: Sep 05, 2018. Tags: CG DURGKONDAL DURGURAM KAVACHI GONDI KANKER STORY