आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : पलाश के औषधीय गुण-

अहमदाबाद (गुजरात) से डॉक्टर दीपक आचार्य पलाश के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी दे रहे है, मध्यभारत के लगभग सभी इलाको में पलाश के फूल बड़ी प्रचुरता से पाए जाते है इसे टेसू कहते है पलाश की छाल इसके फूल इसके बीज इसके गोंद सभी औषधीय गुण से भरे होते है पलाश के गोंद में थायमिन और रिबोफ्लविन आदि रसायन पाए जाते है जब पतले दस्त होते है और हालात बिगड़ जाते है तो पलाश का गोंद रोगी को खिलाया जाए तो से अति शीघ्र आराम मिलता है पलाश के बीजो को नीबू रस में पीसकर दाद खाज एवं खुजली जिस अंग पे हो उस अंग पर इसे लगाने से फायदा होता है गुजरात के आदिवासी बवासीर के रोगियों को इसके कोमल पत्तो की भाजी खिलाते है इसकी भाजी को घी में तैयार किया जाता है साथ में इसमें दही और मलाई का भी इसके साथ में सेवन करने की सलाह बवासीर के रोगियों को दी जाती है पलाश के कोमल पत्तो की भाजी के सेवन से बवासीर से जल्द राहत मिलती है|दीपक आचार्य@9824050784

Posted on: Mar 18, 2017. Tags: DR DEEPAK ACHARYA

आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : सब्जियों के औषधीय गुण-

सुरनकन्द को धोकर, काटकर नमक के पानी में भिगोकर बवासीर के रोगी को कच्चा चबाने को दें इसकी सब्जी बनाकर खाने में लिवर से जुडी बीमारी में फायदा होता है| गुजरात डांग जिले के आदिवासी भिन्डी का काढा बनाकर सिफलिस के रोगी को पिलाने की सलाह देते है.भिन्डी के बीजो मे प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है इससे याददाश्त भी तेज़ होती है| कटहल का गुदा पानी में उबाल ले और ठंडा कर १ गिलास पिए जबरदस्त एनर्जी आता है| डांग गुजरात के आदिवासी गवार फली को सुखा कर चटनी बनाते है ओंर डायबिटीज़ के रोगी को ४० दिनों तक दिन में ३-४ बार खाने की सलाह देते है, और जोड़ दर्द, पेट में जलन, सूजन के लिए भी गवार फली की सब्जी खाना चाहिए, लाभकारी होगी | डॉ दीपक आचार्य@7926467407

Posted on: Mar 03, 2017. Tags: DR DEEPAK ACHARYA

आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : लौंग, चावल और अरंडी का औषधीय उपयोग-

चीनी के डिब्बे या चावल के बोरे में चीटिया लग जाती है तो अक्सर ग्रामीण इलाको में लोग 2-4 लौंग रख देते है. अक्सर आदिवासी इलाको में देखा जाता है कि जहाँ पर खाना बनाया जाता है या बनाया हुआ खाना जहाँ पर रखा जाता है उसके आसपास लौंग रख देने से चीटियां नही आएगी| ऐसे ही नमक जो वातावरण में नमी के कारण पसीज जाता है गीला-गीला सा हो जाता है उसको ठीक बनाये रखने के लिए नमक के बर्तन में 10 से 15 सूखे चावल रखने से नमक पसीजेगा नही | नाखूनों को सुन्दर, चमकीला बनाने के लिए अरंडी का तेल नाखूनों की परत पर लगाने से नाखून सुन्दर हो जाते है, जिन लोगो को सफेद धब्बे हो जाते है नाखूनों में वे भी ठीक हो जाते है | दीपक@7926467407

Posted on: Mar 03, 2017. Tags: DR DEEPAK ACHARYA

आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : तेज़ पत्तो के औषधीय गुण-

दीपक आचार्य तेज पत्तो के औषधीय गुणों के बारे में बता रहे है. तेज़ पत्तो में कृमि नाशक गुण है, सूखी पत्तियों का चूर्ण बनाकर प्रतिदिन रात में सोने से पहले २ ग्राम गुन-गुने पानी में घोल दिया जाये एवं वह सोने से पहले पीया जाये इससे पेट के कृमि मरकर मल के साथ निकल जाते है| पत्तियों का चूर्ण पेशाब से सम्बंधित जितनी भी समस्याऐ होती है उनके लिए बहुत लाभकारी होती है. दिन में दो बार २-२ ग्राम चूर्ण लेने से पेशाब से जुडी हर बीमारी में कारगर साबित होता है. हाई ब्लड सुगर के मरीजो के लिए भी फायदेमंद होता है. भोजन के साथ ही अगर इसका उपयोग औषधि के रूप में भी लिया जाता है तो बहुत ही फायदेमंद होगा। पत्तियों के साथ ही तेज़ पान की छाल और पूरा पेड़ ही लाभकारी होता है. दीपक आचार्य@7926467407

Posted on: Mar 02, 2017. Tags: DR DEEPAK ACHARYA

आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : आलू के औषधीय गुण

पारंपरिक तौर पर आलू का इस्तेमाल वनवासी अनेक फार्मूलो में सदियों से करते चले आ रहे है मध्यप्रदेश के पातालकोट घाटी की बात हो या गुजरात के डांग जिले की आलू को सब्जी के आलावा कई तरह के हर्बल नुस्खो में आजमाया जाता है मध्यम आकार के आलू का रस तैयार किया जाए और एक गिलास मात्रा में रस प्रतिदिन सबेरे लिया जाए तो पाचन तंत्र व्यवस्थित हो जाता है इस रस के सेवन से एसीडीटी नियंत्रण में बहुत फायदा होता है वनवासियों की मान्यता के अनुसार यह रस पेट के छालो के लिए भी बहुत कारगर है जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर हो उनके लिए डांग गुजरात के हर्बल जानकार एक खास नुस्खा तैयार करते है रोगियों को उबले आलुओ का सेवन करने की सलाह देते है और नई रिसर्च बताती है कि आलू में पोटेशियम पाया जाता है और ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाने के लिए बहुत कारगर रसायन है| जिन लोगो को वजन कम करना है उनके लिए भी आलू बड़ा खास है उबले आलूओ को नमक छिडक दे और उस व्यक्ति को दे जो वजन कम करना चाहता है| वनवासियों के अनुसार ये बात गलत है कि लोग जो सोचते है कि आलू मोटापा बढ़ाने में एक प्रमुख अंग है| लेकिन ऐसा नहीं होता मोटापा आलू की वजह से बढ़ता है बल्कि आलू को तलने या भूंजने के लिए जो तेल इस्तेमाल में लाया जाता है उससे वजन बढ़ता है उबला हुआ आलू वैसे भी खूब सारे कैलोरी को लिए नहीं होता है तो इसे उबालकर खाए वजन कम होगा जिनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो गई हो उन्हें भी आलू खाना चाहिए| उबले आलू हो या कच्चे आलू हो यदि कच्चे आलू हो तो उसे कुचलकर उसका रस बनाकर ले उबले आलू को नमक डालकर या सेंधा नमक डालकर जरुर खाए ये पोषक तत्वों की कमी दूर करने में बड़े कारगर है ताजे आलूओ को कुचलकर पेस्ट बनाया जाए और इन्हें घाव और जले हुए अंगो और जलन करने वाले छालो पर लगाए तुरंत राहत मिलेगी और इसी तरह जिन्हें नींद नहीं आने की शिकायत हो उन्हें उबले आलू खाने चाहिए उबले आलू के अम्लो के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है और पेट में जो अम्ल है उनके स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है अक्सर अम्ल याने एसिड बढ़ जाए तो नींद अनियांत्रित हो जाती है ऐसे में उबला आलू बड़ा कारगर होता है|

Posted on: Feb 03, 2017. Tags: Deepak Acharya

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