तोता हूँ मैं तोता हूँ, हरे रंग का होता हूँ...बाल कविता -

ग्राम-लांजी, विकासखंड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दिलबर सिंह मरकाम एक बाल कविता सुना रहे है:
तोता हूँ मैं तोता हूँ हरे रंग का होता हूँ-
चोच मेरी लाल है रे चोच मेरी लाल है-
चोच मेरी लाल है मस्त मेरी चाल है-
मीठे-मीठे फल खाता हूँ-
फुर फुर करके उड़ जाता हूँ-
ऊपर में पंखा चलता है-
नीचे में दीदी सोती है-
सोते-सोते भूख लगी-
खा लो दीदी मुंगफली-
मुंगफली में दाना नहीं...

Posted on: Dec 20, 2017. Tags: DILBAR SINGH MARKAM

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