लोगो को राशन नहीं दिया जा रहा है, मुखिया पंचायत में नहीं आती हैं...कृपया मदद करें-

ग्राम पंचायत-बैजना, प्रखण्ड-निरता, जिला-धनबाद (झारखण्ड) से रंजीत गुइंया बता रहे हैं कि उनके गाँव के मुखिया पूनम देवी अपने 5 साल के कार्यकाल में कभी उनके क्षेत्र में या पंचायत नहीं आई हैं, मुखिया ज्यादा समय अपने गाँव पर ही बिताती हैं, उनके स्थान पर उनके पति पूरा काम संभालते हैं और मनमर्जी तरीके से सारा काम करते हैं योजना के बारे में ग्रामीणों को नहीं बताया जाता है, योजना लागू करने से पहले बैठक नहीं बुलाई जाती है, कार्यकारिणी बैठक नहीं होती है, सदस्यों को जानकारी नहीं दी जाती है, अपने नजदीकी लोगो को योजना का लाभ दिलाया जाता है, अभी कोरोना वायरस के कारण लोग परेशान लेकिन उन लोगो को जिन्हें मदद की जरुरत है मजदूरी कर जीवन निर्वाह करते हैं, उन्हें राशन नहीं दिया जा रहा है इसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री जनसंवाद के माध्यम से किया था लेकिन इसकी जानकारी लेने अधिकारी नहीं आये हैं, अभी तक जरुरतमंदों को राशन नहीं मिला है इसलिये वे अपील कर रहे हैं कि अधिकारियों से संपर्क कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करें : संपर्क नंबर@8709801669. खाद्यान अधिकारी@9470382382.

Posted on: Apr 04, 2020. Tags: CORONA DHANBAD JHARKHAND RANJEET GUINYA

जागो ऐ नवजवानों, भारती पुकारती...गीत-

धनबाद (झारखण्ड) से उमेश कुमार सूरी एक गीत सुना रहे हैं :
इसकी रचना स्वयं की है – जागो ऐ नवजवानों, भारती पुकारती-
जागो ये भारत के वीरों, भारती पुकारती-
भारती पुकारती, माँ भारती पुकारती-
ये ज़मी गाँधी, भगत, सुभाष की अरमान है-
हम हैं इस धरती के बेटे ये हमारी शान है-
फिर मिट रही है क्यों हमारी देश की पहचान है...

Posted on: Jan 14, 2020. Tags: DHANBAD JHARKHAND SONG UMESH KUMAR

मैं दामोदर गम का मारा...

मैं दामोदर गम का मारा
मेरे रोम रोम दुश्मन बसा
मेरी हालत देख जग हँसा
दिल में मेरे ज्वार फूटा
आँखों में अंसुअन की धारा
जब ऊंचे बांधों में बंधा मैं
नाली की तरह फिर बना मैं
राख रसायनों में घुला जब
ज़हर बना गया अमृत सारा
मेरे पग पग में काला सोना
हरियाली था कोना कोना
हर पेड़ प्राणी मेरे साये जीते
सबको जिताया खुद को हारा
जीवन था खुशियों से भरा
मेरे माता पिता अम्बर धरा
सोचा था बरसो जीऊंगा
फूटा अब ख़्वाबों का तारा
हे मानव तुझपे धिक्कार
थोड़ी सुन मेरी चीत्कार
मिट चला इतिहास मेरा
बचाओ मुझे लगाकर नारा
नईम एजाज़

Posted on: Apr 04, 2013. Tags: Naim Dhanbad

Gas leakage from land, people frightened,Company says it is not in our area!

Naim Ezaz from Dhanbad, Jharkhand is telling us about gas leakage from land near Katari river (Dhanbad-Bokaro Highway) in Tarkitand village,Baghmara block of Dhanbad. The gas leakage has also caught fire. When people raised this issue before the officers of Bharat Coking Coal Ltd, Western Jharia, the officers refused to help saying that the area is not under their ambit.Villagers of the region are frightened due to this situation. If nothing is done to control this situation, then it can cause danger to the lives of the villagers.Naim Ezaz can be reached on 09939181231

Posted on: Mar 14, 2013. Tags: LAND NAIM DHANBAD

नारी देवियों के समान: महिला दिवस के उपलक्ष्य मे एक कविता

नारी एक, रुप अनेक
बोलती नारी, डोलती नारी
मचलती नारी, बिलखती नारी
बलखाती नारी, गम खाती नारी
खेलती नारी, झेलती नारी
श्रृंगार की नारी, सँवारती नारी
बिगाड़ती नारी, बनाती नारी
नारी काँटों की चुभन, नाजुक सुमन
मोहब्बत का चिराग, दहकती आग
दर्द का मरहम, सुकून और रहम
बिजली की कौंध, उजली चकाचौंध
मनोहर छवि, पूजनीय देवी
खिलखिलाती धूप, लुभावनी रुप
हया की चादर, दया की सागर
रुप की माया, दुख में छाया
तन की बिजली, मन की शांति
हाथ की रेखा, माँ की ममता नारी है
घर की लक्ष्मी, किस्मत का करिश्मा
करुणा की देवी, ममता का आंचल
पवित्र गंगा, नारी है
रात की रानी, सुख का बेला
बहन की राखी, ईश्वर की वंदना
धर्म का बिंदु, आँख का काजल
पाँव का पायल, घर की शोभा
धन की वर्षा, हुस्न की मलिका
स्वर्ग की मेनका, नारी है
कभी काली, कभी दुर्गा
कभी प्यार, कभी श्रद्धा
कभी सीता, कभी सूर्पनखा
कभी ज्वालामुखी, कभी सूरजमुखी
कभी सोनिया, कभी सानिया
कभी अर्धांगनी, कभी सुहागन
कभी सती, कभी सावित्रि
फिर क्यूँ नारी घर के अंदर,
बैठे-बैठे सिसक रही?
फिर क्यूँ नारी के पैरों को,
समाज की जंजीरें जकड़ रही?
फिर क्यूँ नारी को आज,
अबला समझा जाता है?
फिर क्यूँ नारी के सपनों को,
दबा-कुचला जाता है?
फिर क्यूँ नारी के हकों-अधिकारों को,
उनसे छीना जाता है?
जल, अग्नि, वायु, मृदा,
जीने का आधार है।
नारी बिना भी जीवन का,
कामना करना निराधार है।
नारी बिना जीवन नैया,
एक पल भी चल सकती नहीं।
नारी बिना एक फूल भी,
शाखों पर फल सकती नहीं।
नारी को स्वतंत्र रुप से,
जीने देना चाहिए।
नारियों का आरक्षण, एक तिहाई नहीं,
आधी-आधी होनी चाहिए।
इस संसार में नारियों का किरदार,
सबसे ऊँचा और महान है।
हर वक्त हो इसकी पूजा,
नारी देवियों के समान है।
नईम एजाज़

Posted on: Mar 08, 2013. Tags: Naim Dhanbad

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