शौचालय की समस्या है, शिकायत करने के बाद भी कोई ध्यान नहीं देते है, कृपया मदद करें

ग्राम-बरेतीकला, पोस्ट-चंदवा, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा मध्यप्रदेश से दयासागर कुशवाह बता रहे है कि वे 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित है और उनके गाँव में जो भी सरकारी योजनायें आती है सरपंच सचिव के मिलीभगत होने के कारण लोगो तक पहुँच नहीं पाती है | जबकि उनके गाँव में 4000-5000 की आबादी वाला गाँव है और बहुत ही कम लोगो के यहाँ शौचालय बना है | इनके पास शुरू से ही शौचालय नहीं बना है | उसके लिए उन्होंने सीएम् हेल्पलाइन में 5-6 बार शिकायत किये थे तो कुछ भी बहाने बनाकर टाल देते है | उसके बाद 2016 में रीवा कलेक्टर के पास भी शिकायत किये थे तब भी कुछ नहीं हुआ उसके बाद सरपंच सचिव के पास पंचायत में बोले तो बन जायेगा बोलते है लेकिन आज तक नहीं बना है | इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि सम्बंधित अधिकारियो से बात करके शौचालय बनवाने में मदद करें : संपर्क नम्बर@7489853324, सचिव का नम्बर@9131375269, तहसीलदार@9993444875.

Posted on: Jul 29, 2020. Tags: DAYASAGAR KUSHWAHA REWA MP TOILET PROBLEM

मुझको ऊँची मिले हवेली, या मिल जाए राजमहल...माखनलाल चतुर्वेदी की कविता

ग्राम-बरोतीकला, तहसील-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से दयासागर कुशवाह जो 9 वी कक्षा का छात्र है माखनलाल चतुर्वेदी की एक कविता सुना रहे है:
मुझको ऊँची मिले हवेली, या मिल जाए राजमहल-
छप्पर की कुटियाँ हो चाहे, पेड़ो की छाया शीतल-
मेरे घर यह नहीं बनेंगे, चाहे हों कितने सुन्दर-
मेरी माँ जिस जगह रहेगी, वहीं बनेगा मेरा घर-
मुझको ऊँची मिले हवेली, या मिल जाए राजमहल-
छप्पर की कुटियाँ हो चाहे, पेड़ो की छाया शीतल...

Posted on: Apr 15, 2018. Tags: DAYASAGAR KUSHWAHA

के तोहरा संग जाइ भँवरवा, के तोहरा संग जाइ...भजन

ग्राम-बरेतीकला, पोस्ट-अमगंवा, थाना-पनमार, ब्लाक,तहसील-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से दयासागर कुशवाहा एक भजन गीत सुना रहे हैं :
के तोहरा संग जाइ भँवरवा, के तोहरा संग जाइ-
आवत के बेरिया सब केऊ जाने, घर घर बजत बधाई-
जाती के बेरिया कोउ ना जाने, हंस कहां उड़ जाइ-
के तोहरा संग जाइ भँवरवा, के तोहरा संग जाइ...

Posted on: Mar 11, 2018. Tags: DAYASAGAR KUSHWAHA

तोरा मन दर्पण कहलाये, भरे बुरे सारे कर्मो को...भजन गीत

ग्राम-बरतीकला, थाना-पनमार, ब्लाक, तहसील-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से दयासागर कुशवाहा एक भजन गीत सुना रहे हैं :
तोरा मन दर्पण कहलाये, भरे बुरे सारे कर्मो को-
देखे और दिखाए-
मन ही देवता मन ही ईश्वर मन से बड़ा ना कोए-
मन उजियारा जब-जब फैले जग उजियारा होय-
इस उजले दर्पण पर प्राणी धुल ना जमने पाय-
सुख की कलियां दुःख के कांटे मन सब का आधार...

Posted on: Mar 07, 2018. Tags: DAYASAGAR KUSHWAHA

जल भरें हिलोर-हिलोर रेशम की डोरी...बघेली लोक गीत -

जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) नेत्रहीन विद्यालय के कक्षा-नौ के छात्र दयासागर कुशवाहा बघेली भाषा में एक लोकगीत सुना रहे हैं:
जल भरें हिलोर-हिलोर रेशम की डोरी-
रेशम डोरी जब निख लागे-
जब कोरा बालकबा होई रेशम की डोरी-
सोने घइलना जब निख लागे-
जब पातर धनिया होई रेशम की डोरी-
जल भरें हिलोर-हिलोर रेशम की डोरी...

Posted on: Mar 05, 2018. Tags: DAYASAGAR KUSHWAHA

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