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पर्यावरण और वृक्ष हमारे वातावरण के मूल तंत्र है, उनकी देखभाल हम सब को मिलकर करना चाहिए...

दयाराम देवांगन, ग्राम पंचायत-कपिलदेवपुरी, तहसील और जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे है कि पर्यावरण और वृक्ष हमारे वातावरण के मूल तंत्र है, उसके बिना हम नहीं रह सकते | जैसे साइकिल एक चक्के से नहीं चलती वैसे ही हमारा पर्यावरण भी एक दूसरे से संबंध बनाये हुए है| पहले की तुलना में पेड़ पौधे बहुत कम है जंगल धीरे-धीरे हम काटते जा रहे है इसको नहीं रोका गया तो आने वाले समय में बहुत दिक्कत हो सकता है इसलिए हर व्यक्ति एक पेड़ जरुर लगाये उसकी देखभाल करे गाँव के सरपंच की तरह नहीं की बारिश के मौसम में पेड़ लगवाए और गर्मीं तक वो सूख जाये| खासकर पेड़ों में कोई भेद न करें की कोई पेड़ फलदार नहीं है तो नहीं लगायेगें ऐसा नहीं सोचना है | सभी पेड़ पर्यावरण के लिए उपयोगी है |

Posted on: Sep 05, 2018. Tags: BALRAMPUR CG DAYARAM DEWANGAN ENVIRONMENT

शिक्षा जीवन है, जो बच्चा शिक्षा से दूर है वह दुनिया से दूर है: विश्व बाल धरोहर सप्ताह का सन्देश...

ग्राम-कपिलदेवपुर, पोस्ट, थाना-चलगली, तहसील, जिला-बलरामपुर, रामानुजगंज (छत्तीसगढ़) से दयाराम देवांगन बता रहे हैं 20 नवम्बर से 25 नवम्बर तक विश्व बाल धरोहर दिवस के रूप में हर राज्य में मनाया जा रहा है यह पूरे भारत में लागू है इस बात को संविधान में पास किया गया है महिला बाल कल्याण के तहत इसमें विशेष योगदान दिया गया है इसमें जो बच्चे अध्ययनरत हैं उनको आगे आने की प्रेरणा देते हैं, कहां शिक्षा देना, किस तरह की शिक्षा देना है, बच्चो के लिए क्या जरुरी है समय पर खेल और समय पर पढाई आदि शामिल हैं सांथ ही ये बता रहे हैं कि जो व्यक्ति शिक्षा से अलग है वो जीने खाने के अलावा कुछ नही जानेगा | दयाराम देवांगन@8120323329.

Posted on: Nov 29, 2017. Tags: DAYARAM DEWANGAN

दीपावली में हमारे गाँवों में पारम्परिक रूप से गाय की पूजा और चरवाहे का सम्मान किया जाता है...

ग्राम पंचायत-कपिलदेवपुर, पोस्ट,थाना-चलगली, जिला-बलरामपुर रामानुजगंज (छत्तीसगढ़) से दयाराम देवांगन पारम्परिक दीपावली के बारे में बता रहे हैं जिसमें सभी लोग अपने घर की साफ सफाई करते हैं किसान भाई अपने काम की चीजो जैसे हल, फावड़ा और अपने वाहनों को साफ कर रहे हैं ये बहुत अच्छा त्यौहार है इस त्यौहार में रात में लोग पारा गीत के साथ घर घर जाते हैं और आमंत्रण देते हैं इसमें कोई बंधन नही है किसी भी समुदाय के घर जा सकते हैं और मुख्य रूप से गाय की पूजा की जाती है गाय को लक्ष्मी मानते हैं और जो इसको देख भाल करने वाला चरवाहा होता है उसका आमंत्रण किया जाता है इस दिन ये काम नही करता और जिनके पशुओं की ये देखभाल करते हैं उसे सभी के घर से आमंत्रित किया जाता है|देवांगन@8120323329

Posted on: Oct 19, 2017. Tags: DAYARAM DEWANGAN

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