नवरात्रि पर्व पर लोग नौ दिन तक पूजा पाठ और भजन करते हैं...

ग्राम-केसमा, ब्लाक-उदयपुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से रमेश कुमार यादव नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं | वे बता रहे हैं| इन दिनों नौ दिन तक हमें अच्छे से रहना चाहिये| साफ़ सुथरा वातावरण रखना चाहिये| पूजा पाठ करना चाहिये| जिससे मन को शांति शांति मिले| और माता की कृपा बनी रहे सभी से अच्छा व्योहार करना चाहिये| इन दिनों नौ दिन तक लोग पूजा पाठ करते हैं, और भजन गाते हैं| दान करते हैं|

Posted on: Apr 12, 2019. Tags: CG CULTURE RAMESH KUMAR YADAV SURGUJA

आदिवासी संकृति, गीत, संगीत जिसमे सभी एक साथ गाते और नाचते हैं...

जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से चंद्रभान मार्को वहां पर हो रहे आदिवासी संकृति, गीत संगीत को सुना रहे हैं, कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय के लोग शामिल होकर नचाते हैं| और अपनी भाषा गोंडी में गीत गाते हैं| ये आदिवासी समुदाय का पारंपरिक त्योहार है|
इसमे महिला पुरुष दोनों एक साथ लकड़ी लेकर नाचते हैं|

Posted on: Apr 10, 2019. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO CULTURE KONDAGAON

गन्ना गांव के किसानो का व्यवसाय और जीविका का साधन है

ग्राम-बरबसपुर, प्रखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से नसीर अंसारी किसान हैं, गन्ने की खेती करते हैं, वे बता रहे हैं कि गन्ने की खेती करने के लिए पहले खेत की जुताई की जाती है, उसके बाद मेढ बनाते हैं, मेढ बनाकर गन्ने के छोटे टुकड़े कर लगाते हैं, फसल तैयार होने तक फसल में 3 से 4 बार पानी छोड़ा जाता है, और जब फसल तैयार हो जाता है, तो उसे काट कर उद्योग में बेचते हैं, वर्तामान में 320 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से गन्ने का दाम मिलता है, एक एक्कड़ भूमि में गन्ने की खेती करने से 20 से 25 हजार तक का लाभ मिल जाता है, फसल को पूरी तरह से तैयार होने 10 महीने समय लगता है, वहां के किसानो के लिए ये रोजगार का एक अच्छा साधन है, एक बार गन्ने की खेती करने पर 3 साल तक गान्ने की फसल लगाने की जरुरत नही पड़ती, पुराने जड़ से गन्ना उग जाता है, पानी देने और देख-रेख करने की जरुरत पड़ती है| नसीर अंसारी@9430313721.

Posted on: Oct 07, 2018. Tags: ) AGRICULTURE ANSARI CG NASUR SURAJPUR

खेती हमर सार, बाकी दुनियादारी बेकार...छत्तीसगढ़ी भाषा में किसानी पर कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ी भाषा में किसानी के बारे में कविता सुना रहे हैं :
चल जाबो गा संघी खेत खार-
सोना सही धान पके हवे, ऊपर मुड़ा नाथ-
पसिया ला धर लूबो दिन भर-
करपा-करपा कर, दुई दिन सुखाबो-
पैरा डोर मा बांधाबो, बैला-भैसा गड़ी मा आनबो-
कोठार मा खरी गांजबो-
बैल ला बगराबो दाई बेलन फांदबो...

Posted on: Sep 30, 2018. Tags: AGRICULTURE CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

मोर छत्तीसगढ़ के भुईयाँ माटी, हवे उपजाऊ गा संगी...छत्तीसगढ़ी किसानी गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक किसानी गीत सुना रहे हैं :
मोर छत्तीसगढ़ के भुईयाँ माटी, हवे उपजाऊ गा संगी-
सोना कसन धान उपजथे-
छत्तीसगढ़ गढिया अड़बड कमाऊ गा संगी-
नई जाने बेरा कुबेरा डरकत ले कमाथे-
आऊ खाथे चार बेरा, मोठा लुगा धोती पिंथे-
मुड़ मा टुकना बोह के ठुमुक-ठुमुक रेंगथे गा संगी...

Posted on: Sep 27, 2018. Tags: AGRICULTURE CG CHHATTISGARHI FARMING KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG

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