तेलंगाना में आदिवासी समुदाय खेती से पहले बीजा त्योहार मनाते हैं...

ग्राम-कोटुल, जिला-भद्रादी कोठागुडम (तेलंगाना) से भोला बघेल ग्रामवासियों के साथ चर्चा कर रहे हैं| वे बता रहे हैं| गांव में बीजा त्योहार मनाया जा रहा है| जिसमे महिलायें राह चलते लोगो को रोककर टीका लगाते हैं, और जाने वाले लोग उन्हें कुछ रुपये देते हैं| इसे माठी त्योहार के नाम से भी जाना जाता है| इसके बाद ही वे खेती का काम शुरु करते हैं| त्योहार में महिलायें सामूहिक गीत गाते हैं|

Posted on: Jun 10, 2019. Tags: BHADRADI KOTHAGUDAM BHOLA BAGHEL CULTURE SONG TELANGANA

अक्षय तृतीया के दिन महुआ, चावल, रोटी बनाकर, दीप जलाकर पूजा करते है-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी बता रहे हैं| आज अक्षय तृतीया है| आज का दिन किसान के लिये बड़ा ख़ास होता है| किसान अपने खेती के साधनो का पूजा करता है| महुआ, चावल, रोटी बनाकर, दीप जलाकर पूजा करता है| अच्छा फसल होने की कामना करते है| वट वृक्ष पर धागा बांधकर पति की रक्षा की कामना करते हैं | इस समय विवाह का अच्छा मुहूर्त रहता है|

Posted on: May 07, 2019. Tags: CG CULTURE KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH

वैशाख मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को ही अक्षय तृतीया कहते हैं-

सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी अक्षय तृतीय महापर्व के बारे में बता रहे हैं | हिदू संस्कृति में व्रत और त्योहारों का विशेष महत्व है| ये नई प्रेरणा और स्फूर्ति का सृजन करते हैं| वैशाख मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को ही अक्षय तृतीया कहते हैं। अक्षय का शाब्दिक अर्थ हैं| जिसका कभी क्षय न हो| यह माह गर्मी का होता है, और माना जाता है अक्षय तृतीया के दिन दिया गया, दान कभी नष्ट नहीं होता। उसका फल आपको इस जन्म के साथ-साथ कई जन्मों तक मिलता रहता है।

Posted on: May 03, 2019. Tags: CG CULTURE MUNGELI RAMAKANT SONI

गोड समुदाय के लोग हर साल मिलकर अपने देवताओं की पूजा करते हैं-

उटनूर, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से अरका मानिकराव बता रहे हैं| वहां पर इंद्रा गली में जो इंद्राई देवता का स्थान है| वह एक धार्मिक स्थल हैं| उस जगह पर पुरे गोड समुदाय के लोग एक खास महीने में इकठ्ठा होते हैं| वे सभी हर साल मिलकर उस स्थान पर अपने देवताओं की पूजा करते हैं| तेल चढ़ाते हैं| इस तरह से वे अपने परंपरा को लम्बे समय से बनाये हुये हैं| यह उनका पारंपरिक त्योहार है|

Posted on: May 03, 2019. Tags: ARAKA MANIKRAW CULTURE STORY TELANGANA

5 साल से लोग देवी की पूजा कर रहे हैं, लोगो अपनी मनोकामना लेकर मंदिर में जाते हैं-

ग्राम-कामानार, विकासखण्ड-दरभा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से भोला बघेल बता रघे हैं| गांव में देवी पूजा का कार्यक्रम चला रहा है | ग्रामवासी का ये पारंपारिक त्योहार हैं|निवासी मायाराम नाग जो गांव के सरपंच है| बता रहे हैं| उनका गांव सुकमा रोड के पास स्थित है| जगदलपुर से 25 किलोमीटर दूरी पर है| वे पांच साल से इस त्योहार को मना रहे है| वहां पर हर मंगलवार और शनिवार को भक्तो का भीड़ लगता है| लोगो की माता पर आस्था और विश्वाश है| भक्त अपनी मनोकामना लेकर उस स्थान पर जाते हैं | और पूजा पाठ करते हैं |

Posted on: Apr 19, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG CULTURE JAGDALPUR STORY

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