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आमा ला खा के लोग बचावत रहिन परान गा...आम पर कविता-

कन्हैयालाल पड़ियारी ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से आम के विभिन्न प्रकार के नाम बताते हुवे कविता सुना रहे हैं, वे कह रहे हैं कारखाने के कारण आम के ये प्रकाश ख़त्म हो रहे हैं :
चंद्री आमा, लोढ़ा आमा, घोलघोली आमा, कच्चा साधी कीरी आमा, पतरलुका आमा, असडिया कपूर आमा, केरा आमा, गिकुवारी आमा, तोतापरी, केसनाही आमा, लेसुन आमा, नगरिन गिरहा, पानी आमा, कठर्री आमा-
आऊ आनी-बानी के नाम गा,
आमा ला खा के लोग बचावत रहिन परान गा-
लोगन काटिन डारा पाना करिन सत्यानाश गा...

Posted on: Sep 19, 2018. Tags: AGRICULTURE CG KANAHIYALAL PADIYARI MANGO POEM RAIGARH

हम गांव के लोग नया फसल आने पर देवी देवताओं की पूजा और नाच गाकर नवा त्यौहार मानते हैं...

ग्राम-जामकुटनी, पंचायत-बेलगाल, तहसील-पखांजूर, थाना-चौबेटिया, विकासखण्ड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मानसिंह दुग्गा बता रहे हैं, उनके गांव में आदिवासियो का एक मुख्य त्योहार मनाया जाता है, जिसे नवा त्योहार कहते हैं, उस त्योहार में लोग गीत गाते हैं, नाचते हैं, देवी देवताओं की पूजा करते हैं, साथ ही जो फसल होती है उसको सबसे पहले अपने देवी देवताओं पर चढाते है, उसके बाद ही उपयोग करते हैं, यह त्यौहार में मुख्य रूप से नया खाने अर्थात जो नया फसल होता उसका पहला भोग अपने देवी देवताओं को देकर खाना है, यह त्यौहार वे अपने पूर्वजो के ज़माने से मनाते आ रहे है, इसमें वे प्रकृति के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हैं...

Posted on: Sep 13, 2018. Tags: AMAR MARAVI CG CULTURE KANKER KOELIBEDA

किसान स्वर: गौ माता देश का अर्थ शास्त्र है...गाय का महत्व-

सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छतीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी हिन्दू धर्म में गौ माता और गौ मूत्र के महत्व का वर्णन कर रहे हैं:
गौ माता देश का धर्म शास्त्र है-
गौ माता देश का अर्थ शास्त्र है-
गौ माता देश का कृषि शास्त्र है-
गौ माता देश का समाजशास्त्र है-
गौ माता देश का विज्ञान शास्त्र है-
गौ माता देश का आरोग्य शास्त्र है...

Posted on: Sep 12, 2018. Tags: CG CULTURE MUNGELI RAMAKANT SONI

वनांचल स्वर : पहले के लोग कोदो कुटकी खाकर ज्यादा दिन जीते थे, अब 50 साल भी नहीं जीते है...

ग्राम-जामकुटनी, पंचायत-बेलगाल, तहसील-पखांजूर, जिला कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुरजू गोंडी में बता रहे है उनके क्षेत्र में पहले के लोग कोदो (कोहला) मड़या का इस्तेमाल करते थे तो ज्यादा बीमार नहीं पड़ते थे| पहले के लोग 75 साल तक जीते थे लेकिन अभी ऐसा नही है| अभी के लोग तो 50 साल में ही खत्म हो जाते हैं अभी के हर फसल में दवा का इस्तेमाल करते है| दवा वाले को खाने से अभी के लोग बहुत ज्यादा बीमार पड़ते है. पहले के लोग जंगलो में जाकर जंगल से मशरुम, बांस,भाजी आदि सब्जियों को ज्यादातर खाते थे|और उसी के अभी के आदिवासी जो है अपनी बोली भाषा को धीरे-धीरे भूल रहे है क्योंकि अभी थोडा बहुत पढ लिख लेते है तो जैसे 12 वी या कोलेज तो हिंदी, अंग्रेजी ज्यादा बोलने लगते हैं और देवी-देवताओ को भूल जाते है |

Posted on: Sep 11, 2018. Tags: AGRICULTURE AMAR MARAVI CG PAKHANJUR KANKER VANANCHAL SWARA

किसान स्वर : अधिक फसल के लिए रासायनिक खाद का उपयोग करते है, पर स्वास्थ्य के लिए बुरा...

ग्राम-मरोड़ा, तहसील-पखांजुर, ब्लाक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, (छत्तीसगढ़) से विष्णु राम बता रहे है कि उनके क्षेत्र में सबसे ज्यादा खेती धान और मक्का का किया जाता है जिसमे रासायनिक खाद का उपयोग किया जाता है जो पैदावार बढ़ाती है लेकिन उससे नुक्सान होता है, जैविक खाद से उगाया हुआ अनाज स्वादिष्ट और ताकतवर होता है | पूर्वज लोग बिना रासायनिक खाद के ही फसल उगाते थे और लम्बे समय तक जीवित रहते थे, लेकिन आज रासायनिक खाद का उपयोग करके उगाया हुआ फसल में स्वाद नही होता है और उसमे पौष्टिक आहार भी नही होता है, इसलिए सबसे ज्यादा गोबर खाद का उपयोग करना चाहिए पर अधिक फसल के लिए हम लोग रासायनिक खाद का उपयोग कर रहे हैं

Posted on: Sep 09, 2018. Tags: AGRICULTURE AMAR MARAVI CG KANKER KISAN SWARA KOELIBEDA

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