5 साल से लोग देवी की पूजा कर रहे हैं, लोगो अपनी मनोकामना लेकर मंदिर में जाते हैं-

ग्राम-कामानार, विकासखण्ड-दरभा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से भोला बघेल बता रघे हैं| गांव में देवी पूजा का कार्यक्रम चला रहा है | ग्रामवासी का ये पारंपारिक त्योहार हैं|निवासी मायाराम नाग जो गांव के सरपंच है| बता रहे हैं| उनका गांव सुकमा रोड के पास स्थित है| जगदलपुर से 25 किलोमीटर दूरी पर है| वे पांच साल से इस त्योहार को मना रहे है| वहां पर हर मंगलवार और शनिवार को भक्तो का भीड़ लगता है| लोगो की माता पर आस्था और विश्वाश है| भक्त अपनी मनोकामना लेकर उस स्थान पर जाते हैं | और पूजा पाठ करते हैं |

Posted on: Apr 19, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG CULTURE JAGDALPUR STORY

गांव में आमा खाई त्योहार से पहले लोग आम नहीं खाते, किसान देवी देवतओं को बीज अर्पित करते हैं-

ग्राम-जमावाड़ा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से फुलसिंग अपने गांव में आज रविवार को हो रहे आमा खाई का त्योहार के बारे में बता रहे हैं| आमा खाई त्योहार उनके गांव का पारंपरिक त्योहार है| ये त्योहार कई वर्षो से वे मना रहे हैं| आम के पेड़ पर फल लगने पर ये त्योहार किसी भी दिन मना सकते हैं| इस दिन किसान अपने आने वाले अच्छे फसल के लिये देवी देवतओं को बीज समर्पित करते हैं| साथ ही नये फल को देवताओं को अर्पित कर घरो में उपयोग करते हैं| मेहमानों को बुलाते हैं| पूजा पाठ करते हैं| गांव में लोगो की मान्यता है कि इस त्योहार से पहले आम को खाने से उनके जीवन में बुरा प्रभाव पड़ता है| स्वास्थ्य खराब होने जैसे स्थिती होती है| जीवन में बाधा उत्पन्न होता है|

Posted on: Apr 13, 2019. Tags: BHAN SAHU CG CULTURE JAGDALPUR STORY

नवरात्रि पर्व पर लोग नौ दिन तक पूजा पाठ और भजन करते हैं...

ग्राम-केसमा, ब्लाक-उदयपुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से रमेश कुमार यादव नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं | वे बता रहे हैं| इन दिनों नौ दिन तक हमें अच्छे से रहना चाहिये| साफ़ सुथरा वातावरण रखना चाहिये| पूजा पाठ करना चाहिये| जिससे मन को शांति शांति मिले| और माता की कृपा बनी रहे सभी से अच्छा व्योहार करना चाहिये| इन दिनों नौ दिन तक लोग पूजा पाठ करते हैं, और भजन गाते हैं| दान करते हैं|

Posted on: Apr 12, 2019. Tags: CG CULTURE RAMESH KUMAR YADAV SURGUJA

आदिवासी संकृति, गीत, संगीत जिसमे सभी एक साथ गाते और नाचते हैं...

जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से चंद्रभान मार्को वहां पर हो रहे आदिवासी संकृति, गीत संगीत को सुना रहे हैं, कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय के लोग शामिल होकर नचाते हैं| और अपनी भाषा गोंडी में गीत गाते हैं| ये आदिवासी समुदाय का पारंपरिक त्योहार है|
इसमे महिला पुरुष दोनों एक साथ लकड़ी लेकर नाचते हैं|

Posted on: Apr 10, 2019. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO CULTURE KONDAGAON

खेती हमर सार, बाकी दुनियादारी बेकार...छत्तीसगढ़ी भाषा में किसानी पर कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ी भाषा में किसानी के बारे में कविता सुना रहे हैं :
चल जाबो गा संघी खेत खार-
सोना सही धान पके हवे, ऊपर मुड़ा नाथ-
पसिया ला धर लूबो दिन भर-
करपा-करपा कर, दुई दिन सुखाबो-
पैरा डोर मा बांधाबो, बैला-भैसा गड़ी मा आनबो-
कोठार मा खरी गांजबो-
बैल ला बगराबो दाई बेलन फांदबो...

Posted on: Sep 30, 2018. Tags: AGRICULTURE CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

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