जिले से दूर होने से सरकारी योजनाओं का लाभ नही पा रहा है ..कृपया मदद करें 

ग्राम-हुसेड़ी, पंचायत-देवगांव, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से जयलाल कावडे बता रहें है की उनका गांव कांकेर के बॉर्डर पर होने के कारण सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है जिससे बहुत समस्या होती है, जिले में कुछ काम हो जाने पर बहुत दूर जाना पड़ता है नारायणपुर जिले के नजदीक है और अपने पंचायत को किसी तरह से नारायणपुर जिले में शामिल होने के लिए प्रयास कर रहे है, ग्राम वासियों के द्वारा अनेक बार आवेदन किया गया और हो जाएगा यही कहकर गुमराह कर रहें है लेकिन अभी कोई सुनवाई नहीं हुई है | सीजीनेट सुनने वाले श्रोताओं से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर समस्या को हल कराने में मदद करें : जिला कलेक्टर@9425205669, 7587876877, सम्पर्क@7067497327.

Posted on: Dec 21, 2019. Tags: JAYLAL KAWDE KANKER CHHATTISGARH

प्रेणना गीत : मानवता के लिए ओ सखी...

ग्राम-बतौली, (छत्तीसगढ़) से पूनम देवांगन (दृष्टिहीन) एक गाना सुना रही है:
मानवता के लिए ओ सखी-
किरण जगानें वाले हम-
शोषित पीड़ित दलित जनों के-
भाग्य जगानें वाले हम-
अपने खून पसीनें से-
वो सर में शान उगा देंगें-
कंकड़ पथर समथल कर के-
काटों में फुल खिला देंगे-
श्शत परिश्रम से अपने के वैभव लाने वाले हम-
मानवता के लिए ओ सखी—किरण जगानें वाले हम....

Posted on: Nov 25, 2019. Tags: CHHATTISGARH POONAM DEWANGAN SONG

त्यौहार हमारे जीवन में महत्वपूर्ण है, बीते पलों की याद दिलाती है...काव्य

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से एक मनकाव्य सुना रहा है:
आज गाँव शहर में चहल-पहल और पूर्णिमा है |आज रक्षाबंधन का दिन वर्ष में एक ही बार आता है |इस दिन बहन अपने भाई के कलाई में राखी बांधकर भाई के लम्बी उम्र का कामना करती है |लडकियां नया पोशाग पहनकर इधर से उधर घूमते रहे हैं| जगह-जगह राखियों और साड़ियों का दूकान सजा है | बहन राखियां और मिठाइयां खरीद रहे हैं|भाई राखी के बदले पैसे और उनकी रक्षा के लिए आशीर्वाद देकर बहन का मन जीत लेता है |इसलिए त्यौहार हमारे जीवन में महत्वपूर्ण है| क्योंकि यह बीते पलों की याद दिलाती है|

Posted on: May 23, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH CHHATTISGARH

सो रही थी नन्ही सी जान, दुबक बीच के अन्दर...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
सो रही थी नन्ही सी जान, दुबक बीच के अन्दर
पडी धरती मै ही, जाग उठी उसके अन्दर
खूब भीगी नहाई फूली, आ गई वो बाहर
पली बढ़ी जवान हुई, दिखने लगी वह सुन्दर
कलि बनी फूल बना, फुला फला एक सुन्दर
एक बीज आया एक बीज अपना जैसा , डाली उसके अंधार ...

Posted on: May 22, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI POEM

फूलों से नित हँसना सीखो- कविता

ग्राम-निल्कंतपुर, ब्लाक-परतापुर, जिला- सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक कविता सुना रहे है:
फूलों से नित हँसना सीखो, भौरों से नित गाना
तरु की झुकी डालियों से नित सीखो शीश झुकाना
सीख हवा के झोको से लो, कोमल भाव बहाना
दूध तथा पानी से सीखो, मिलना ओर मिलाना
लता और पेड़ो से सीखो सबको गले लगाना...

Posted on: May 20, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH JAGDESH PRASAD POYA POEM

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