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दुर्गा माटी ला घलो कभू ना समझय नीत...कविता-

ग्राम-बरभंवा, पंचायत-सरेखा, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से लक्ष्मण श्रीवास के साथ आजमी और यासमीन छत्तीसगढ़ी भाषा में एक कविता सुना रही हैं :
दुर्गा माटी ला घलो कभू ना समझय नीत-
पालन पोषन येही करय, कमल फुलए येही कीत-
टीका बना के धरे, होत ना कोनो संत-
पीकर तो महुरा बरे, चारी चारी चुगली ला समाज-
खजरी खसरा रोग, खाजुवावत दुःख होत है पाछू दुःख ला भोग
जउन गांव जाना नही पूछे के का काम...

Posted on: Sep 22, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KABIRDHAM LAKSHMAN SHRIWAS POEM

ऐ मोला भले ठगे अनबोलनी, ऐ मोला भले ठगे मिठलबरी...छत्तीसगढ़ी प्रेम गीत-

ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल नेटी एक गीत सुना रहे हैं :
ऐ मोला भले ठगे अनबोलनी, ऐ मोला भले ठगे मिठलबरी-
अरे मया देहों कहके मोला भले ठगे-
मर मर के जियत रईथो, बन के जिंदा लासे-
मोर सपना मा तोर सुरता हा आके बड़ा रोवथे ओ-
बईहा बरन कस लागत रहिथे, मनहा कस जाथे ओ-
आही कहिके देखत रईथो, बईठे तोर आस मा-
मोर करम मा तै नही रहे तबे तो छुट गए सांथ ओ...

Posted on: Sep 21, 2018. Tags: ANUPPUR BABULAL NETI CHHATTISGARHI MP SONG

तोला बंदत हो दिन रात मोर धरती मईया...देशभक्ति गीत

ग्राम-अलका, पोस्ट+थाना-चलगली, विकासखण्ड-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से दिलीप कुमार एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं:
तोला बंदत हो दिन रात मोर धरती मईया-
सूत-सूत के पाव पखारो सुन मोर धरती माँ-
तोला बंदत हो दिन रात मोर धरती मईया-
तोला उठ सूत के बखान करो रे मोर शिव गुरु-
तोला बंदत हो दिन रात जय होये तोर-
तोला बंदत हो दिन रात मोर धरती मईया...

Posted on: Sep 20, 2018. Tags: BALRAMPUR CG CHHATTISGARHI DILEEP KUMAR PATRIOTIC SONG WADRAFNAGAR

आधा पेट खा के बेटा तोला भर पेट खवाएं गा...छत्तीसगढ़ी गीत

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
मोर दुलारू बेटा गा मोर दुलारू बेटा गा-
दस महिना कोख मा धरके तोला मै जन्मायों गा-
अपन लहू ला गोरस बनके तोला मै पियायों-
अपन जिन्दगी ला दांव लगाके तोर जिन्दगी ला सँवारे गा-
आधा पेट खा के बेटा तोला भर पेट खवाएं गा-
मोर बुढ़तकाल के सहारा होबे कहिके पातेयों गा...

Posted on: Sep 20, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG

सकालू मांझी हर बड़खा लकड़ी ला फ़ोरत रहिस...छत्तीसगढ़ी कहानी

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कहानी सुना रहे है : सकालू मांझी हर बड़खा लकड़ी ला फ़ोरत रहिस, ओहर लकड़ी के माझरे-माझर मोट ला मारे लकरी कभूच नई फूटे ओहार टूटकाये-टूटकाये फोरेच भर धरिस तबोच ले नई फुटिस अउ डोकरी दाई हर होहिच करा धान ला बगराये रहिस ओला कुकरी मन खाए बर आये डोकरा दादा हर टगनी का धर के होहिच करा बेठे एहिस अउ सारे कुकरी सा सारे कुकरी सा तीर-तीर ला खा डोकरा दादा भगाए बर लगे है ओ लकरी ला फोरेच है तबो ले नई फूटे फिर डोकरा दादा कहे सा सारे कुकरी सा तीर-तीर ला खा...

Posted on: Sep 19, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH STORY

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