अरे नाने नाने बूंद पानी बरसले निरा...छत्तीसगढ़ी भक्ति गीत-

ग्राम-सकलपुर, पोस्ट-सोनबेडा, जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से शिवलाल मानिकपुरी एक भक्ति गीत सुना रहें है:
अरे नाने नाने बूंद पानी बरसले निरा-
कहां जगह भिजत होहिं राम रघुवीरा-
राम रघुबीरा रे राम रघुवीर-
नाने नाने बूंद पानी बरसले निरा-
कहां जगह भिजत होहिं राम रघुवीरा...

Posted on: Jul 24, 2020. Tags: CHHATTISGARHI SONG SHIVLAL MANIKPURI SURAJPUR CG

चूड़ी लेवा दे किनवा लेवा दे...छत्तीसगढ़ी गीत-

खैरागढ़, जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से जाया मुंडे एक गीत सुना रही हैं:
चूड़ी लेवा दे किनवा लेवा दे-
बिंदिया लेवा दे बिछिया लेवा दे-
लेवा दे पहरी के मऊ झनकार-
तोलो झारो-झारो जोहार बलम-
तोलो गाढ़ा-गाढ़ा जोहार-
कहते मोला चला जाबो घुमेला-
लागे है राजिम में पुन के मेला-
चूड़ी लेवा दे किनवा लेवा दे...

Posted on: Jul 04, 2020. Tags: CHHATTISGARHI SONG JAYA MUNDE RAJNANDGAON CG

उंच पीड़ा उंच दरिया करे उंच टाट बाट...छत्तीसगढ़ी गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ छत्तीसगढ़ से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है :
उंच पीड़ा उंच दरिया करे उंच टाट बाट-
ओकर ले लबरा नहीं है-
कोनो जोन दिखे मोरो डाट-
आये जाए कछु नहीं करे बड़े-बड़े गोट-
पढ़ेला बड़े नहीं माने-
मुंह जोरी करे बर होई टोय...

Posted on: Jul 02, 2020. Tags: CHHATTISGARHI SONG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH CG

भाटा केरा के वजा, आलू बरी मुनगा के झोर...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
भाटा केरा के वजा-
आलू बरी मुनगा के झोर-
बूढी दाई बुढा बाबा-
खोजथे मुनगा ला चिचोर-
दांत नई आय एकोठन-
मुनगा भाजी घलो कैसे खाहीं... (AR)

Posted on: Jun 16, 2020. Tags: CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI POEM

खेती हमर सार, बाकी दुनियादारी बेकार...छत्तीसगढ़ी भाषा में किसानी पर कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ी भाषा में किसानी के बारे में कविता सुना रहे हैं :
चल जाबो गा संघी खेत खार-
सोना सही धान पके हवे, ऊपर मुड़ा नाथ-
पसिया ला धर लूबो दिन भर-
करपा-करपा कर, दुई दिन सुखाबो-
पैरा डोर मा बांधाबो, बैला-भैसा गड़ी मा आनबो-
कोठार मा खरी गांजबो-
बैल ला बगराबो दाई बेलन फांदबो...

Posted on: Sep 30, 2018. Tags: AGRICULTURE CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

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