मुश्किल बड़ी घड़ी है सैयम बनाये रखना है...कोरोना पर संदेश-

ग्राम-नवलपुर, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से अनुराधा बुनकर कोरोना पर संदेश दे रही हैं:
दुनिया भर में वैश्विक महामारी बनकर फैली कोरोना वायरस का प्रकोप दिनो दिन बढ़ता जा रहा है, देश में लॉकडाउन लगा है, मरीजो को संख्या बढ़ती जा रही है, इससे बचाव के लिये घरो में ही रहना है|
मुश्किल बड़ी घड़ी है सैयम बनाये रखना है-
एक फासला बनाकर-
खुद को बचाये रखना है... (AR)

Posted on: Jul 04, 2020. Tags: ANURADHA BUNKAR CG CORONA MESSAGE MUNGELI

कहां मिलता है चैन पत्थर के इन मकानों में...कविता-

नवलपुर, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से नेहा बुनकर एक कविता सुना रही हैं, जिसका शीर्षक है : ज़िंदगी के मैदानों में :
कहां मिलता है चैन पत्थर के इन मकानों में-
बहुत कोशिश करते हैं जो खुद का वजूद बनाने की-
हो जाते हैं अपनों से दूर नजर आते हैं बेगानों में-
हस्ती नहीं रहती दुनिया में एक लंबे दौर तक-
आंखिर में जगह मिलती है कहीं दूर श्मसानों में-
कहां मिलता है चैन पत्थर के इन मकानों में... (AR)

Posted on: Jun 27, 2020. Tags: CG MUNGELI NEHA BUNKAR POEM

छा गयी मायूसी हर गलियाँ हर चौबारे पर...नशा मुक्ति कविता-

ग्राम-नवलपुर, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से अनुराधा बुनकर एक नशा मुक्ति कविता सुना रही हैं:
छा गयी मायूसी हर गलियाँ हर चौबारे पर-
लोगो ने अपने हालत बदल डाले-
नशे की पड़ी एसी आदत इनको-
जीने के अपने अंदाज बदल डाले-
दे रहा है भारत अपनी तरक्की की मिशले-
युवा कर कर नशे का व्यापार-
लुप्त हो संस्कृति हमारी, जिसका था हमें गुमान... (AR)

Posted on: Jun 26, 2020. Tags: ANURADHA BUNKAR CG MUNGELI POEM

वृद्धावस्था पेंशन के लिये 5 साल से आवेदन दे रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है...

ग्राम-नवलपुर, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से चंद्रिका बाई बुनकर बता रही हैं, वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रहा है, उन्होंने इसके लिये कई बार आवेदन किया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है, 5 साल से आवेदन कर रहे हैं लेकिन काम नहीं हो रहा है इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रही हैं कि अधिकारियों से बात कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करें : संपर्क नंबर@8720822286.

Posted on: Jun 25, 2020. Tags: CG CHANDRIKA BAI BUNKAR MUNGELI OLD AGE PENSION

हम तो रोज नहाते हैं, मैल को दूर भगाते हैं... बाल कविता-

ग्राम-नवलपुर, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से उषा गोस्वामी एक कविता सुना रही हैं:
हम तो रोज नहाते हैं, मैल को दूर भगाते हैं-
मंजन करते कुल्ला करते, मुह की गंध भगाते हैं-
नख कटवाते नाक सुड़कते सिर में तेल लगाते हैं-
कंघी करते तेल लगाते बालो को चमकाते हैं-
कपड़े साफ पहनकर हम आंगनबाड़ी जाते हैं-
चावल दाल खाते हैं, हम मोटे बन जाते हैं...(AR)

Posted on: Jun 25, 2020. Tags: CG MUNGELI POEM USHA GOSHWAMI

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