लालच लोभ से हटकर अपने मत का सही उपयोग करें...

ओमप्रकाश बघेल बता रहे हैं छत्तीसगढ़ में पंचायत सुनाव चल रहा है इसलिये वे मतदाता जागरूकता अभियान के तहत सभी संदेश दे रहे हैं कि सभी मतदाता निपक्ष होकर अपने मत का सही उपयोग करें, लालच लोभ से हटकर अपना मत करें, जिससे पंचायत और देश का विकास हो |

Posted on: Jan 04, 2020. Tags: AWARENESS OMPRAKASH BAGHEL

गांव गली खेतो में मिट्टी...कविता-

बाघझर, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से धन्नू बघेल एक कविता सुना रहे हैं :
गांव गली खेतो में मिट्टी-
बाहर मिट्टी घर में मिट्टी-
टप टप बूंद पड़ी तो महकी सोंधी सोंधी मिट्टी-
मिट्टी से घर बने हैं कितने-
मिट्टी पर लोग खड़े हैं कितने-
दिन भर फूल खिलाती मिट्टी-
सबका बोझ उठाती मिट्टी...

Posted on: Dec 15, 2019. Tags: ANUPPUR DHANNU BAGHEL MP POEM

Narayanpur Bultoo (Bluetooth) Radio in Hindi language: 12th Dec 2019…

Today Keerti Sahu and Bhola Baghel presenting Bultoo Radio in Hindi Language, In this latest edition of Bultoo radio discussing issues from Chhattisgarh Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now, this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband center nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via Bluetooth.

Posted on: Dec 12, 2019. Tags: KEERTI SAHU BHOLA BAGHEL NARAYANPUR BULTOO RADIO

बलमा मोर बलमा रे, मोर मयारू बलमा है हाय...छत्तीसगढ़ी गीत-

ग्राम-कुण्डी, जिला-नरायणपुर (छत्तीसगढ़) से घंसुराम बघेल एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
बलमा मोर बलमा रे, मोर मयारू बलमा है हाय-
ये जहुरिया खाले किरिया, माया मोरे झन भुलाबे रे-
अंधरा के आंखी चिरई के पाखी तय मोरे रानी रे-
मझधार मा डोंगा झन भुलबे नही माय मर जाहू रे-
सपना तोर मोर सपना रे, दिन रात सताथे ना-
ये जहुरिया खाले किरिया, माया मोरे झन भुलाबे रे...

Posted on: Dec 07, 2019. Tags: CG GHANSURAM BAGHEL NARAYANPUR SONG

देश भक्ति कविता : मन समर्पित, तन समर्पित...

ग्राम-भांडा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) भोला बघेल और उनके साथ है स्कूली छात्रा करीना कुमेटी व सविता एक कविता सुना रहे है:
मन समर्पित, तन समर्पित-
और यह जीवन समर्पित-
चाहता हूँ देश की धरती-
तुझे कुछ और भी दूँ-
माँ तुम्‍हारा ऋण बहुत है, मैं अकिंचन-
किंतु इतना कर रहा, फिर भी निवेदन-
थाल में लाऊँ सजाकर भाल मैं जब भी-
कर दया स्‍वीकार लेना यह समर्पण।-
गान अर्पित, प्राण अर्पित-
रक्‍त का कण-कण समर्पित-
चाहता हूँ देश की धरती-
तुझे कुछ और भी दूँ...

Posted on: Dec 06, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL NARAYANPUR CG

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