उल्लू आया, उल्लू आया, एक ऊन का गोला लाया...बाल कविता-

ग्राम-नवलपुर, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से जया बुनकर एक कविता सुना रही हैं:
उल्लू आया, उल्लू आया-
एक ऊन का गोला लाया-
चरखा बोला चू, चू, चू-
खरगोश बोला कू, कू, कू-
देखो रंग से भारी दवाद-
है किसान भाई है किसान... (AR)

Posted on: Jul 11, 2020. Tags: CG JAYA BUNKAR MUNGELI POEM

उल्लू आया उल्लू आया,एक गुन का गोला लाया...कविता-

ग्राम नवलपुर, पोस्ट-कोतरी, जिला-मुगेली छत्तीसगढ़ से नेहा बुनकर के साथ संजना नेताम है, जो एक कविता सुना रही है:
उल्लू आया उल्लू आया,एक गुन का गोला लाया-
चरखा बोला चूं चूं, खरगोश बोला कुह कुह-
देखो रंग से भरी दवाद,है किसान भाई हल के साथ...

Posted on: Jul 10, 2020. Tags: MUNGELI CG NEHA BUNKAR POEM SANJNA NETAM

हिन्दी को बनवास दे अंग्रेजी को राज...गीत-

ग्राम-नवलपुर, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से अनुराधा बुनकर एक कविता सुना रही हैं:
हिन्दी को बनवास दे अंग्रेजी को राज-
हमने 70 सालो में कैसा गढ़ा समाज-
हिन्दी हिंदुस्तान में हुई सेविका आज-
पटरानी बनकर यहाँ इंग्लिश कराती है राज-
हिन्दी में है चेतना, हिन्दी में है प्राण-
हिन्दी में है देश का स्वभिमान सम्मान... (AR)

Posted on: Jul 10, 2020. Tags: ANURADHA BUNKAR CG MUNGELI POEM

7 माह से विधवा पेंशन नहीं मिल रहा है, अधिकारी कागज नहीं बना है बोलकर वापस कर देते हैं-

ग्राम-नवलपुर, पंचायत-खड़गांव, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से नरेश बुनकर गाँव के वृद्ध महिला की समस्या से अवगत करा रहे हैं, अंजोरा बाई बता रही हैं, उन्हें 7 महीने से विधवा पेंशन नहीं मिला है इस संबंध में उन्होंने सरपंच के पास शिकायत किया था, सरपंच का कहना है कागज नहीं बना है जबकि जो कार्ड उनके पास है उसी से उन्हें पेंशन मिलता था, पेंशन नहीं मिलने से उन्हें जीवन यापन करने में दिक्कत हो रही है, वे सीजीनेट के साथियों से निवेदन कर रही हैं कि दिये नंबरों पर बात कर विधवा पेंशन दिलाने में मदद करें: सरपंच@7049080368, SDM@8889862888, सचिव@8319568146. संपर्क नंबर@8720822286. (170196) (AR)

Posted on: Jul 09, 2020. Tags: CG MUNGELI NARESH BUNKAR PENSION

मुस्कुराके बोला वो, मुझसे डरो न...कोरोना कविता-

ग्राम-नवलपुर, पोस्ट-कोरतरी, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से नेहा बुनकर कोरोना पर एक कविता सुना रही हैं:
कल रात सपने में आया कोरोना-
उसे देख जो मै डरती-
मुस्कुराके बोला वो, मुझसे डरो न-
उसने कहा कितनी प्यारी है तुम्हारी संस्कृति-
न चुमते न गले लगाते-
दोनों हांथ जोड़कर वो स्वागत करते...(AR)

Posted on: Jul 09, 2020. Tags: CG MUNGELI NEHA BUNKAR POEM

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