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बड़ा मजेदार मावा खेडा रो भैया...गोंडी जंगल गीत

ग्राम-लमता, तहसील+जिला-बालाघाट (म.प्र.) से ब्रेजलाल टेकाम जंगल से प्राप्त होने वाले फलो से सम्बंधित एक गोंडी गीत सुना रहे है:
बड़ा मजेदार मावा खेडा रो भैया-
खेडा ते वायो बखेड़ा रो भैया-
खेडा ते पुट्टी ता मिठो-मिठो-
तोया गा मिठो-मिठो तोया-
बोरसी कुन तिन्तोम इडुम ता-
कोया गा इडुम ता कोया-
अणि खेडा ते वायो गा बखेड़ा रो भैया-
बड़ा मजेदार मावा खेडा रो भैया...

Posted on: Apr 05, 2018. Tags: BRAJLAL TEKAM

जगे-जगे माम, जगे-जगे माम कोयावासी भाई...गोंडी जागरूकता गीत

ग्राम-लामता, तहसील+जिला-बालाघाट (म.प्र.) से ब्रेजलाल टेकाम एक गोंडी जागरूकता गीत सुना रहे है:
जगे-जगे माम जगे-जगे माम कोयावासी भाई-
अणि गोंडी भाषा साईं लातुन बाड़ी भूले माई-
तेन बची किम रो दादा बचे किम रो-
रोते वनका बाड़ो वनका मावा गोंडी भाषा-
इक्के वनका अक्के वनका मावा गोंडी भाषा-
रोते वनका बाड़ो वनका मावा गोंडी भाषा-
अणि बड़ा नीक लागिता मावा मात्र भाषा-
तेन बची किम रो दादा बचे किम रो...

Posted on: Mar 22, 2018. Tags: BRAJLAL TEKAM

जिला बालाघाट, जिला बालाघाट, उडिले दाले करोंदा...गोंडी लोकगीत

ग्राम-लामता, जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से ब्रजलाल टेकाम एक गोंडी लोकगीत सुना रहे है:
जिला बालाघाट-जिला बालाघाट उडिले दाले करोंदा-
हट्टा ता बावली लांजी ता किला बाहून हैं अद जिला-
कीसेना तैयारी जल्दी तो दाले-
हाटल ते मन-मन ता मिठो तिन्दाले-
अणि उडिले गर्रा ता घाट उडिले दाले करोंदा-
भरवेली माईन ते शोभा है जिला-
बैहर मलाजखंड ताम्बो तो सीला-
अणि मोहगाँव कोदा ता हाट उडिले दाले करोंदा-
जिला बालाघाट-जिला बालाघाट उडिले दाले करोंदा...

Posted on: Feb 18, 2018. Tags: BRAJLAL TEKAM

अनि वनका ते मावा गोंडी भाषा...

ग्राम लामता जिला बालाघाट (म.प्र.) से ब्रजलाल टेकाम जी एक गोंडी गीत गा रहे हैं, इस गीत में गोंडी भाषा की विशेषता के बारें में बताया गया है...
जय सेवा-जय सेवा बोलो रे
जय सेवा-जय सेवा बोलो रे
अनि वनका ते मावा गोंडी भाषा
जय सेवा-जय सेवा इंटरो, अनि वनका ते मावा गोंडी भाषा
जय सेवा-जय सेवा इंटरो, भैया जय-सेवा जय-सेवा इंटरो
जय सेवा-जय सेवा.....
जय सेवा-जय सेवा सबतुन इन्दाना, गोंडी धरम तुन हैय जो पुन्दाना,
जय सेवा-जय सेवा सबतुन इन्दाना, गोंडी धरम तुन हैय जो पुन्दाना
अनि गोंडी भाषा काक सब अंटरो, अनि वनका ते मावा गोंडी भाषा
जय सेवा-जय सेवा.....

Posted on: Jul 25, 2014. Tags: Brajlal Tekam

मरका पर्रो कांवा ना डेरा...गोंडी गीत

ग्राम लामता जिला बालाघाट मध्यप्रदेश से ब्रजलाल टेकाम जी एक गोंडी गीत गा रहे हैं ।गीत के माध्यम से बताया गया कि कौवा अपने बच्चों के लिए आम के पेड़ पर गोदा बनाता है, उसी पर निवास करता है और किस प्रकार से अपने बच्चो के लिए दाना चुन चुनकर लाता हैं तथा खिलाता है...
मरका पर्रो कांवा ना डेरा
मरका पर्रो कांवा ना डेरा रो भाई
मरका पर्रो कांवा ना डेरा
मरका मडा ते गा, ताना हैई डेरा
घास सनकाडी ता, बने किता घेरा
अनी अगा ताना मंदा बसेरा रो भैया
मरका पर्रो कांवा ना...
चुडू-चुडू चंव्वा, अनी चुडू-चुडू पूता
चंव्वा नू तिह्ताता, वन्जी अनी कूता
अनी मरका पर्रो ताना, बसेरा रो भैया
मरका पर्रो कांवा ना...
वले-वले लख अन्ता, तिन्दाले गा दाना
दिन अर्रे वाईता, ताना ठिकाना
अनी मरका पर्रो ताना, बसेरा रो भैया’
मरका पर्रो कांवा ना डेरा
मरका पर्रो कांवा ना...

Posted on: Jul 22, 2014. Tags: Brajlal Tekam Gondi

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