राष्ट्र के युवा तुम्हे बुला रही है भारती...पंक्तियाँ-

जिला-बड़वानी मध्यप्रदेश से सुरेश कुमार देश से संबंधित पंक्तियाँ सुना रहे है :
राष्ट्र के युवा तुम्हे बुला रही है भारती-
जाग नौजवान जाग संस्कृति पुकारती-
उग्रवाद संस्कृति की असीमता मिटा रहा-
त्यागवाद संस्कृति की मूल्य को घटा रहा...

Posted on: Mar 24, 2021. Tags: BADWANI MP PANKTIYAN SURESH KUMAR

एक बुद्धिमान यात्री की कहानी...

सुरेश कुमार जिला-बड़वानी मध्यप्रदेश से कहानी सुना रहे है बुद्धिमान यात्री एक बार एक यात्री जंगल से गुजर रहा था |गर्मी बहुत अधिक थी उसने प्यास महसूस की वह पानी की तलाश की परन्तु असफल रहा |अंत में वह एक नारियल के पेड़ के नीचे आया पेड़ पर बहुत से नारियल लटक रहे थे |वे इतने ऊँचे थे की यात्री उन तक नहीं पहुच रहा था और वह पेड़ पे चढ़ने में असमर्थ था |पेड़ पर कुछ बन्दर थे | यात्री बहुत बुद्धिमान था| उसने एक तरकीब सोची और वह बंदरो को कुछ पत्थर फेका| बन्दर बहुत नाराज हुए और कुछ नारियल तोड़कर यात्री की तरफ फेके| यात्री ने नारियल फोड़े और उसका पानी पिया| इस प्रकार उसने अपने प्यास बुझाई और चल दिया|... (183890)

Posted on: Mar 19, 2021. Tags: BADWANI MP STORY SURESH KUMAR

ओस की बूँद-सी होती है बेटियां...प्रेरणादायक विचार-

सुरेश कुमार बड़वानी, मध्यप्रदेश से बेटियों के लिए कुछ लाइने सुना रहे हैं -”ओस की बूँद सी होती है बेटियां, फर्श खुरदुरा हो तो रोती है बेटियां, रोशन करेगा बेटा तो बस एक ही कुल को दो-दो कुलों की लाज को ढोती है बेटियां, हीरा है अगर बेटा तो मोती है बेटियां औरों के लिए फूल ही बोती है बेटियां, मिट्टी में मर-नीर सी होती है बेटियां, घर की शान होती है बेटियां, माँ-बहन, पत्नी का फ़र्ज निभाती है बेटियां, इस कुल को आगे बढाती है बेटियां, सोना है अगर बेटा तो चांदी है बेटियां,बेटे को अच्छा खाना खिलाते हैं तो बेटियों को जूठन, बेटियां हो तो गृहस्थी को सजाती है, बेटियां हो तो दूसरों के आँगन की लाज बन जाती है, ओस की बूँद सी होती है बेटियां, इस फर्श खुरदुरा हो तो रोती है बेटियां”|

Posted on: Mar 16, 2021. Tags: BADWANI MP POEM SURESH KUMAR

एक गरीब परिवार की कहानी...

जिला-बड़वानी मध्यप्रदेश से सुरेश कुमार एक कहानी बता रहे है, एक गावं में गरीब परिवार का एक व्यक्ति रहता था| और उसका एक बेटा था वो गरीब होते हुए भी मजदूरी करके अपने बेटे को पढ़ाता था |उसका बेटा पढ़ लिख कर बड़ा अधिकारी बन गया और वह शहर में रहने लगा | एक दिन वह अपने बेटे के घर मेहमान गया | उसके घर में मेहमान आये हुए थे | उन मेहमानों ने उस अधिकारी से पूछा की यह कौन व्यक्ति आये हुए अधिकारी ने बोला यह तो मेरे रिश्तेदार है |यह बात सुन कर वापस घर लौट आया |इस कहानी का यह तात्पर्य है की किसी भी अवस्था में हो हमे माँ बाप का तिरस्कार नहीं करना चाहिए |

Posted on: Mar 13, 2021. Tags: BADWANI HINDI STORY MP SURESH KUMAR

बुद्धिमान बीरबल -कहानी

जिला-बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कहानी बता रहे हैं|
बुद्धिमान-बीरबल, एक बार बादशाह अखबर ने अपने दरबरियो से एक अजीब सा प्रश्न पूछा| ऐसी क्या चीज है जिसे चाँद और सूरज नही देख सकते| सभी दरबारी चुप थे उन्हें उत्तर नहीं मालूम था| कुछ देर सोच कर बीरबल बोले अँधेरा जहाँपना| अकबर उसके उत्तर से बहुत खुश हुए| पर वो अपने दरबारियों की कुछ और प्रश्न पूछ कर परीक्षा लेना चाहते थे| इसलिए उन्हेंने जमीन पर एक लकीर खिंच कर पूछा दोनों किनारों से मिटाए बिना ये लकीर छोटी कैसे की जा सकती है| दरबारी फिर से चुप रह गए| आखिर कोई बिना किनारा मिटाए लकीर को छोटा कैसे कर सकता है| और बीरबल के पास उसका भी हल था उसने धीरे से बादशाह से लकड़ी ली और पहली लकीर के समान्तर एक और लकीर खीँच दी, यह लकीर पहली लकीर से बड़ी थी| फिर वो बादशाह से बोले लीजिए अब आपकी लकीर छोटी हो गयी| (184335)GT

Posted on: Feb 26, 2021. Tags: BADWANI MP STORY SURESH KUMAR

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