सिर्फ कागज का नक्शा नही है देश...

उन्हें विरासत में मिली है सीख कि देश एक नक्शा है कागज का
चार फोल्ड कर लो तो रुमाल बनकर जेब मैं आ जाये
देश का सारा खाजाना उनके बटुए में है
तभी तो कितनी फूली दिखती है उनकी जेब
इसलिए वो करते घोषणाएं कि हमने तुम पर
उन लोगो के जरिये खूब लुटाए पैसे
मुट्ठियाँ भर-भर के
विडंबना ये कि अविवेकी हम
पहचान नहीं पाए असली दाता को
उन्हें नाज है कि त्याग और बलिदान का
सर्वाधिकार उनके पास सुरक्षित है
इसलिए वे चाहते हैं कि उनकी
महात्वाकांक्षाओं के लिए हम भी
हँसते-हँसते बलिदान हो जाएं
और उनके ऐशो-आराम के लिए त्याग दें
स्वप्न देखना,त्याग दें प्रश्न करना
त्याग दें उम्मीद रखना
क्योंकि उन्हें विरासत में मिली सीख,
इन टेढ़ी-मेढ़ी रेखाओं से
कागज़ पर अंकित
देश एक नक्शा मात्र है...

Posted on: May 13, 2014. Tags: Anwar

कुछ भी नही बदला दोस्त,कुछ भी नही बदला

कुछ भी नही बदला दोस्त,कुछ भी नही बदला दोस्त
आकाश उतना ही पुराना है,जंगल,पगडंडी,पहाड पुराने हैं उतने ही
फिर कैसे कहते हो तुम कि दृश्य बदले हैँ
चीजें बदली हैं,कुछ भी नही बदला दोस्त
बदले हैं सिर्फ़ हम तुम
वरना पंख भी वही हैं,हवाएं रूत उडान भी वही हैँ ,
हवस,लालच,बदले की आग वही है
नफ़रत,लूट,खसोट,धोखा,अन्धविश्वास वही है
फिर कैसे कहते हो कि जमाना बदल गया है
हिटलर अब भी हैं कुछ भी नही बदला
और अब भी गोयवल्स घूम रहा है ,
अब भी नौजवान हथियार उठा रहे हैं,
अब भी कवि खौफजदा हैं
अब भी बद्तमीजियां,उद्ददंडताए,शंखनाद बजा रही हैँ ,
मान भी जाओ दोस्त कुछ भी नही बदला।
कुछ भी नही बदला...

Posted on: May 11, 2014. Tags: Anwar Suhail

सब कुछ वैसा ही हो जाए

सब कुछ वैसा ही हो जाए
जैसा हमने चाहा था
जैसा हमने सोचा था
जैसा सपना देखा था
लेकिन वैसा कब होता है
थका हारा भूखा सोता है
तुम हम सबको बहलाती हो
नाहक सपने दिखलाते हो
अपने पीछे दौड़ाते हो गुर्राते हो धमकाते हो
और हमारे दिल में बात यही भरते रहते हो
सब कुछ वैसा ही हो जाएगा
जैसा हम चाहा करते हैं
जैसा हम सोचा करते हैं
हमने बात उनकी की
लेकिन देखो गौर से देखो इन बच्चो की आँखों में
शंकाओ के संदेहो के कितने बादल तैर रहे है
बेशक बालिग होकर ये सपनो के
उन हत्यारो का सारा तिलस्म तोड़ डालेंगे
बेशक अच्छे दिन आयेंगे
तब हम मिलकर गायेंगे गीत विजय के दोहराएंगे ।
गीत विजय के दोहराएंगे ।

Posted on: Dec 14, 2013. Tags: Anwar Suhail

हमे बताया जा रहा है कि हम कितने महत्वपूर्ण हैं...

हमे बताया जा रहा है
कि हम कितने महत्वपूर्ण हैं
कि हमारी एक ऊँगली के दबाव से
बदल सकती है उनकी किस्मत
कि हमें ही लिखनी है किस्मत उनकी
इसका मतलब हम भगवान् हो गए.....
वे बड़ी उम्मीदें लेकर आते हैं हमारे पास
उनके चेहरे पर दीनता तैरती है
जैसे एक नया भिखारी सकुचाता है
शर्माता है
गिडगिडाता है
मायूस, मासूम, मजबूर दिखने का
सफल अभिनय करता है
हम उनके फरेब को समझते हैं
और एक दिन उनकी झोली में
डाल आते हैं...
एक अदद वोट.....
फिर उसके बाद
भक्त अपने भगवानों को भूल जाते हैं....

Posted on: Nov 16, 2013. Tags: Anwar Suhail

Allegation of corruption in toilet construction under Sarva Shiksha Abhiyan...

Sarfaraz Anwar from Ramchandrapur block in Balrampur district is telling us that Govt has given Rs 50,000 to teachers in Sarva Shiksha Abhiyan for construction of toilets in schools. But in this block the teachers have repaired some old toilets and painted them new. The schools which have built new toilets have not followed the Govt specification. The local officials tell that district officials have orally told them to make the toilets according to their wish. For more Anwar Ji can be reached at 09406159482

Posted on: Dec 28, 2012. Tags: Sarfaraz Anwar

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