संकट के कटाईया बड़ा देव जान बचा दे न...गीत-

ग्राम पंचयत-जमुड़ी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लक्ष्मण सिंह एक कोरोना गीत सुना रहे हैं:
संकट के कटाईया बड़ा देव जान बचा दे न-
संकट के हराईया बड़ा देव जान बचा दे न-
गाँव-गाँव मा ठाकुर देवता शेर दाई लडवासिन-
छुआ छूत के है बीमारी करोना माता है विदेशिन-
संकट के कटाईया बड़ा देव जान बचा दे न...

Posted on: Apr 05, 2020. Tags: ANUPPUR LAKSHMAN SINGH MP SONG

लॉक डाउन के कारण फंसे हैं, देख नहीं सकते हैं, कृपया राशन दिलाने में मदद करें...

श्रमिक नगर, कोतमा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रविंद्र बता रहे हैं कि वे छत्तीसगढ़ राज्य के जांजगीर चापा के रहने वाले हैं और लॉक डाउन के कारण फंस गये हैं वे दिव्यांग हैं देख नहीं सकते हैं जिस परिवार में रुके हैं उनके पास राशन कार्ड नहीं है जिसके कारण राशन नहीं मिल रहा है, उनका कहना है कि परिवार में भोजन की दिक्कत होती है इसलिये वे सीजीनेट के माध्यम से सरकार से अपील कर रहे हैं कि राशन उपलब्ध करायें जिससे लॉक डाउन में रह सकें: संपर्क नंबर@7805021763.

Posted on: Apr 05, 2020. Tags: ANUPPUR CORONA MP PDS RAVINDRA

खिड़की नगाड़ा कड़क जाथे काया ला छोहे गा...लोक गीत-

ग्राम-बम्हनी, थाना-अमरकंटक, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रवि कुमार एक लोक गीत सुना रहे हैं;
खिड़की नगाड़ा कड़क जाथे काया ला छोहे गा-
तोला छोहे चिरईया कंही के लेना मो नोके गा-
तै माता तै पिता तै जानमाय-
लिखना ला लिख दये मोर नाना नई तो बताये-
लिखना लिख दये मरना ला नई तो बताये...

Posted on: Apr 01, 2020. Tags: ANUPPUR MP RAVI KUMAR SONG

कोरोना महामारी से बचाव के लिये दूरी बनाकर रखे और हाथ साफ रखें...

ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल नेटी कोरोना वायरस को लेकर संदेश दे रहे हैं कि देश जो महामारी फैली है उससे बचाव के लिये मास्क का उपयोग करें, हांथ साफ रखें जिसे फैल रहे महामारी से बचाव हो सके, इसके लिये सरकार ने निर्देश जारी किया है, अभी गाँव कोरोना के प्रकोप से दूर है, इसलिये गाँव और शहर के बीच दूरी बनाकर रखे, जब तक ये बीमारी पर्यावरण से समाप्त न हो जाये, नियमो का पालन करें|

Posted on: Mar 31, 2020. Tags: ANUPPUR AWARENESS BABULAL NETI MP

ये कदम्ब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे...कविता-

ग्राम-रक्सा, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या जोगी एक कविता सुना रही हैं:
ये कदम्ब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे-
मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे-
ले देती यदि मुझे बांसुरी तुम दो पैसे वाली-
किसी तरह नीची हो जाती ये कदम्ब की डाली-
तुम्हें नहीं कुछ कहता पर मैं चुपके-चुपके आता-
उस नीची डाली से अम्मा ऊँचे पर चढ़ जाता...

Posted on: Mar 30, 2020. Tags: ANUPPUR DIVYA JOGI MP POEM

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