एक था लड़का नाम था राजू बहुत देर सोता था...स्वच्छता गीत

जिला-गिरिडीह (झारखण्ड) से अल्गुन्दिया जी स्वच्छता के ऊपर आधारित एक गीत सुना रहे हैं :
एक था लड़का नाम था राजू बहुत देर सोता था-
सोये-सोये सपनो में जोर-जोर गाता था-
डम डमाडम डम है...
एक था लड़का नाम था राजू बहुत देर सोता था-
सोये सोये तरह तरह के सपनो में खोता था-
डम डमाडम डम है...
कभी देखता बन्दर, भालू कभी देखता चीता-
कभी देखता किशमिश काजू कभी देखता पपीता-
देख-देख कर सपनो में ही जोर जोर गाता था – डम डमाडम डम है...
एक रात सोया था राजू सपनो में खोया था-
सचिन तेंदुलकर राजू के सपनो में आया था-
देख सचिन को राजू ने जोर जोर गाया था-
डम डमाडम डम है...
पास पहुंच कर राजू ने तेंदुलकर से ये पूछा-
कैसे आप लगा लेते हो गजब का चौका छक्का-
कहा सचिन ने क्या राजू से सुनो गौर से बच्चों-
खाना खाने से पहले साबुन से हाथ मुहं धोता-
रगड़ रगड़ कर दोनों हाथ कलाईयों तक हूँ धोता – शौच के बाद फिर इसी तरह साबुन से हाथ मुह धोता-
रगड़ रगड़ कर दोनों हाथ कलाईयों तक हूँ धोता-
तभी तो हर एक गेंद को लगाता चौका छका-
समझा, राजू ने कहा डम डमाडम डम है-
डम डमाडम डम है...
कहा सचिन ने डम डमाडम ही-
साफ हाथ में दम है,साफ हाथ में दम है-
साफ़ हाथ तो रहता है स्वस्थ अपना अच्छा-
साफ हाथ तो रहती किस्मत अपनी अच्छी – साफ हाथ हो तो बनती है राईटिंग अपनी अच्छी – भूल गया अब राजू ने भी गाना डम डमाडम डम है...

Posted on: Apr 14, 2016. Tags: Algundia Giridih

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