5.6.31 Welcome to CGNet Swara

आलू कचालू कहाँ गए थे...कविता

ग्राम-मानपुर, पंचायत-रानीझाप, जिला-बिलासपुर(छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल केवट गावं की दो बालिकाओं भारती व इच्छा से एक कविता सुन रहे हैं:
आलू कचालू कहाँ गए थे-
सब्जी की टोकरी में सो रहे थे-
बैगन ने धक्का दिया रो रहे थे-
नीबू ने प्यार किया हस रहे थे-
आलू कचालू कहाँ गए थे...

Posted on: Oct 05, 2017. Tags: Bharti Kumari

काहे लागी नम्मा हो गंगा निहायलो...भक्ति गीत

ग्राम-पंजरीकला, जिला-पलामू (झारखण्ड) से आरती कुमारी एक भक्ति गीत सुना रही है:
काहे लागी नम्मा हो गंगा निहायलो-
काहे लागी कैलु एतवार हो माई-
तोरे लागे बेटी हो गंगा निहाय लीस-
तोरे लागे थेईले एतवार-
पहिले धनोक चाब चोब गिरिले-
सुफल दूब हरियाईल आईल-
दुसरे धनोक चाब गंगा गिरिले-
काहे लागी नम्मा हो गंगा निहायलो...

Posted on: Sep 19, 2017. Tags: ARTI KUMARI

मिलजुल के आवा रे आवा, झुण्ड बांधि के आवा रे आवा...

परमेश्वरीजी ग्राम-पद्दूगोड़ा, ब्लॉक-बाघमारा, जिला-धनबाद, झारखंड की रहनेवाली भारती कुमारी से एक गीत रिकॉर्ड करवा रही हैं. गीत में लोगों से अपील की जा रही है कि सभी लोग मिलजुलकर जल-जंगल-जमीन को बचाएं :
मिलजुल के आवा रे आवा-
झुण्ड बांधि के आवा रे आवा-
एकता कर संगे चला-
विरिसा कर धेंसे रे-
जंगल-जमीन-पहाड़ बचावा-
मिलजुल के आवा रे आवा-
झुण्ड बांधि के आवा रे आवा – एकता कर संगे चला-
विरिसा कर धेंसे रे – जंगल-जमीन-पहाड़ बचावा – जंगल-जमीन-नदी बचावा-

Posted on: Jan 22, 2015. Tags: Bharti Kumari

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download