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विश्व दीपक हा, रवि उगवला...मराठी आरती गीत-

जिला-अमरावती (महाराष्ट्र) से पंकज रंगारी मराठी भाषा में एक आरती गीत सुना रहे हैं:
विश्व दीपक हा, रवि उगवला-
ये कबी माँ भारती वश्व दीपक हा-
रवि उगलवा हा ये कबी माँ भारती-
उवा ऊ बिमला, उवा ऊ बिमला-
दिव्य पञ्च आरती-
विश्व दीपक हा, रवि उगवला, दिव्य पञ्च आरती...

Posted on: Oct 10, 2018. Tags: AMARAWATI ARATI MAHARASHTRA MARATHI PANKAJ RANGARI SONG

फरिश्तों में ख्वाहिश नहीं, जानवरों में अक्ल नहीं...श्लोक

ब्लाक-मयोरपुर, तहसील-दुद्धी, जिला-सोनभद्र (उत्तरप्रदेश) से रामदीप भारती एक श्लोक सुना रहे हैं :
फरिश्तों में ख्वाहिश नहीं, जानवरों में अक्ल नहीं-
मगर इंसान में दोनों होती हैं-
अगर इंसान अक्ल को दबा दे तो वह जानवर हो जाए-
ख्वाहिश को दबा दे तो वह फरिश्ता हो जाए-
दुनिया की दौलत खुदा उसे ही देते हैं जिसे वह पसंद नहीं करते-
लेकिन ईनाम की दौलत उसे ही देते हैं जिसे वह पसंद करते हैं...

Posted on: Sep 25, 2018. Tags: DUDDHI POEM RAMDIP BHARATI SONBHADRA UP

सब्जी में आलू का, जंगल में भालू का बड़ा ही महत्व हैं... कविता-

ग्राम-जामपानी, पोस्ट-लिलासी, तहसील-दुर्भी, जिला-सोनभद्र (उत्तरप्रदेश) से रामदीप भारती एक कविता सुना रहे हैं :
सब्जी में आलू का, जंगल में भालू का बड़ा ही महत्व हैं-
चट्टानों में सैन का, जानवरों में बैल का-
घर के लिए खपरैल का, बड़ा ही महत्व है-
राजनीति में नेता का, फलो में पपीता का-
पुस्तको में कविता का बड़ा ही महत्व है-
तकनीकी में टीवी का, रिश्तों में बीबी का...

Posted on: Sep 22, 2018. Tags: POEM RAMDIP BHARATI SONBHADRA UP

शौचालय बनवाओ, नाहक समय ना गवाईयो...बुन्देलखंडी स्वच्छता गीत

ग्राम+पोस्ट-बांदकपुर, जिला-दमोह (मध्यप्रदेश) से संतोष भारती एक बुन्देलखंडी भाषा में स्वच्छता गीत सुना रहे हैं:
शौचालय बनवाओ, नाहक समय ना गवाईयो-
तारी घर की इज्जत देश की है शान-
शौच जाए बहार तो हो रही हैरान, लाज उनकी बचाओ-
गांधी जी का सपना स्वक्ष हो भारत देश-
आज हम दे रहे घर-घर संदेश-
स्वक्ष होवे सारे गांव, रोशन होवे नाव...

Posted on: Sep 09, 2018. Tags: BUNDELKHANDI DAMOH MP SANTOSH BHARATI SONG

कोन स्यात में बढई कक्का, अरे जब कुर्सी बना के धर दई...बुंदेलखण्डी गीत

ग्राम+पोस्ट-बांदाकपुर, जिला-दमोह (मध्यप्रदेश) से संतोष भारती बुंदेलखण्डी भाषा में एक गीत सुना रहे है:
कोन स्यात में बढई कक्का, अरे जब कुर्सी बना के धर दई-
अरी तोरी अक्कल खोह का कहिए, तेस ते आफत कर दई-
जब से प्रजा तंत्र जो आओ, पांच साल में होत चुनाव-
अरे तूड़ोभव कुर्सी को भाव, जो पा जावे छोड़त नईया-
अरे चुंबक सी फिट कर दई, तोरी अक्कल खोका कईए तेस से आफत कर दई-
जो बन जावे नोकर चाकर, बदल जात कुर्सी वो पाकर...

Posted on: Sep 08, 2018. Tags: BUNDELKHANDI DAMOH MP SANTOSH BHARATI SONG

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