संगवारी रे कैसे बचाबो परान, जंगल के बिना पानी नई बरसही...गीत-

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक गीत सुना रहे हैं:
संगवारी रे कैसे बचाबो परान-
जंगल के बिना पानी नई बरसही-
जंगल नई रही ता पानी नई आही-
कहां पाबो कुटकी धान रे भईया-
कईसे बचाबो परान-
जंगल में मिलही पूटू अउ पिहरी-
सब्जी गजब मिठाथे गा भईया...

Posted on: Mar 25, 2019. Tags: ANUPPUR CG KANHAIYALAL KEWAT SONG

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