भजन : तार पापी हजार, तार पापी हजार, आपन नाम लगाईं के-

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक भजन सुना रहा है:
तार पापी हजार, तार पापी हजार-
आपन नाम लगाईं के-
सुवा पढ़ावत गढ़ का तर गये-
राम-नाम के नाम मिचड़ गये-
हो गई सागर पर, हो गई सागर पार-
आपन नाम लगाईं के-
पाँव धोईके केवट तर गये-
गंगा जी पार उतर गये-
तार परिवार, तार परिवार-
तार पापी हजार, तार पापी हजार-
आपन नाम लगाईं के...

Posted on: Sep 23, 2019. Tags: ANUPPUR CG LALLU KEWAT

प्रेणना लोकगीत : ऐसा जमाना आया यार है, बिना पढ़े से सब बेकार है..

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक प्रेणना लोकगीत सुना रहे है:
ऐसा जमाना आया यार है-
बिना पढ़े से सब बेकार है-
अनपढ़ का इज्जत नही होता है-
आगे चल कर वह प्रतिदिन रोता है-
दिनों-दिनों बढ़ता परिवार है-
जब कोई लेटर घर में आता है-
पड़ोसी के घर में ले के जाता है-
क्योकि पढने से वह लाचार है-
बिना बढे से सब बेकार है...

Posted on: Sep 21, 2019. Tags: ANUPPUR CG LALLU KEWAT

संगवारी रे कैसे बचाबो परान, जंगल के बिना पानी नई बरसही...गीत-

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक गीत सुना रहे हैं:
संगवारी रे कैसे बचाबो परान-
जंगल के बिना पानी नई बरसही-
जंगल नई रही ता पानी नई आही-
कहां पाबो कुटकी धान रे भईया-
कईसे बचाबो परान-
जंगल में मिलही पूटू अउ पिहरी-
सब्जी गजब मिठाथे गा भईया...

Posted on: Mar 25, 2019. Tags: ANUPPUR CG KANHAIYALAL KEWAT SONG

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