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बरसो रे रे रे पानी कारे बदरिया...वर्षा गीत

अंकित पडवार के साथ जुड़े है उर्मिला, दिव्यानी मिंज और अनिल लकड़ा ग्राम-टोंगो, प्रखंड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखंड) से जो एक वर्षा गीत सुना रहे है:
बरसो रे रे रे पानी कारे बदरिया-
बरसो रे रे रे पानी कारे बदरिया-
बरसो रे रे रे पानी कारे बदरिया...

Posted on: Jul 08, 2018. Tags: ANIL LAKDA DIVYANI MINZ SONG URMILA

वनांचल स्वर : वन समितियां बैगा आदिवासियों से वनोपज समर्थन मूल्य में नहीं खरीद रही हैं...

जिला-कवर्धा (छत्तीसगढ़) से अनिल बामने बता रहे है कि छार, चिरोंजी, महुआ, लाख, हर्रा बेहडा और भी बहुत सारे वनोपज है जो बैगा आदिवासी लोग संग्रहित करते है और उसको बेचकर अपना जीवन यापन करते है. उसके सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ सरकार ने समर्थन मूल्य भी घोषित किया है| लेकिन उस समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं कर रहे है| आदेश के बाद भी वन समिति नहीं खरीद रहे है. और बिचौलिए चिरोंजी एक किलो शकरकंद या एक किलो आलू या कनकी ( टूटा चावल) उसके बराबर वजन में दिया जाता है बिचोलिए उसी चिरोंजी को लाकर समिति में बेचते है और समर्थन मूल्य का चेक लेकर मोटी कमाई कर रहे है| बामने@9977161570.

Posted on: Jun 03, 2018. Tags: ANIL BAMNE

इन गाँवों में न सड़क है, न पानी, न स्कूल, बच्चे पढने नहीं जाते, गंदा पानी पीकर बीमार पड़ते हैं...

जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से अनिल बामने बता रहे है कि कोटा ब्लाक के अंतर्गत कुछ गाँव आते है जैसे बेहरी नाला, गोटर भाटा, कारीमाठी इनमें सडक नहीं है, हैण्डपम्प नहीं है, आंगनवाडी नहीं है स्कूल भी नहीं है, वे कुछ दिन पहले वहां गए थे तो उन्होंने देखा वहां के बच्चे स्कूल नहीं जा पाते है और न पढ़ पा रहे है आज भी लोग नदी नालो का पानी पीते है पिछले साल 2017 में गाँव में डायरिया फैला था उसके कारण 6-7 की मौत हो गई थी आज भी फिर वही हाल है इसलिए साथी मदद की अपील कर रहे है कि इन समस्याओ को छत्तीसगढ़ शासन को अवगत कराकर इन समस्याओ का समाधान करने की कोशिश करें: अनिल बामने@9752884411.

Posted on: Feb 05, 2018. Tags: ANIL BAMNE

जाम पका खाते जी कन्दिला हिलाते...बाल गीत -

ग्राम-गुड़ेफल, पंचायत-दमकसा, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से अनिला, सुनीता और प्रीता एक बाल गीत सुना रहे है:
जाम पका खाते जी कन्दिला हिलाते-
ऊपर देखो चिड़िया लाल जाम खाते-
लाल जाम खाते जी कान्दिला हिलाते-
जाम पका खाते जी कन्दिला हिलाते...

Posted on: Jan 22, 2018. Tags: ANILA SUNITA

मितवा पागल भईले हो लुटे के चक्कर में...कविता -

पारु, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार फिरिये एक कविता सुना रहे हैं:
मितवा पागल भईले हो लुटे के चक्कर में-
मितवा पागल भईले हो-
जीत के चुनाव दिल्ली पहुँच के-
घुमे गले अमेरिका-
देश के खाजाना खूब ही लुटा के-
मितवा पागल भईले हो लुटे के चक्कर में...

Posted on: Nov 17, 2017. Tags: ANIL FIRIYE

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