स्वास्थ्य स्वर : शुगर बीमारी को ठीक करने का घरेलू नुस्खा-

भोरमदेव वनांचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य अमित साहू शुगर बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं| प्रतिदिन सुबह एक चम्मच मेथी को पानी में भिगोकर मिसलकर पीना है| दूसरा दोपहर में गिलोय को एक लोटा पानी में मिलाकर पकाना है| जब एक कप बच जाये तो उसे सेवन करना है| सुबह-शाम हल्का व्यायाम करें| मीठी चीजों का सेवन न करें| दवा का प्रयोग करने से पहले दिये गये नंबर पर संपर्क करें : अमित साहू@9425299142.

Posted on: Jun 02, 2019. Tags: AMIT SAHU CG HEALTH KABIRDHAM

4 से 5 अप्रैल 2019 को भोरमदेव में एक भव्य महोत्सव होने जा रहा है, शामिल होकर आनंद उठा सकते हैं...

भोरमदेव वनांचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य अमित साहू ऐतिहासिक स्थल भोरम देव के बारे में बता रहे हैं| भोरम देव मंदिर की बनावट खजुराहो तथा कोणार्क के मंदिर के समान है जिसके कारण लोग उस मंदिर को ‘छत्तीसगढ का खजुराहो’ भी कहते हैं। वह मंदिर एक एतिहासिक मंदिर है। मंदिर को 11वीं शताब्दी में नागवंशी राजा देवराय ने बनवाया था। जहां पर 4 से 5 अप्रैल 2019 को एक भव्य महोत्सव होने जा रहा है| वहां पर शिव जी की प्रतिमा और तालाब बना है | सुनने वाले सभी साथी वहां जाकर उस ऐतिहासिक और मनोरंजक स्थल का लुत्फ़ उठा सकते है |

Posted on: Mar 28, 2019. Tags: AMIT SAHU CG KABIRDHAM STORY

बीत गये रात होत बिहनिया, बुता काम ले लेवव हरी नाम...गीत-

भोरमदेव, वनांचल, विकासखण्ड-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू एक गीत सुना रहे हैं :
बीत गये रात होत बिहनिया-
बुता काम ले लेवव हरी नाम-
रोज कमाओ जुल-मिल खाओ-
मया बढ़त दुनो आप के-
बीत गये रात होत बिहनिया-
बुता काम ले लेवव हरी नाम...

Posted on: Mar 20, 2019. Tags: AMIT SAHU CG KABIRDHAM SONG

बड़े सबेरे मुर्गा बोला, चिडियों ने अपना मुंह खोला...कविता -

जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू बोल रहे है कि सुबह होते ही मनुष्य को कैसे काम करना चाहिए उसके सम्बन्ध में एक कविता सुना रहे है:
बड़े सबेरे मुर्गा बोला-
चिडियों ने अपना मुंह खोला-
आसमान पर लगा चमकने-
लाल-लाल सोने का गोला-
सब बोलो दिन निकला भाई...

Posted on: Feb 26, 2019. Tags: AMIT SAHU

आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : मूली के औषधीय उपयोग

जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू एक सब्जी मूली के औषधीय उपयोग के बारे में बता रहे हैं : मूली के पत्ते को छाव में सुखा कर उसका चूर्ण बना ले इसके बाद चूर्ण और शक्कर को बराबर मिलाकर 2 माह तक खाने से बवासीर की समस्या में आराम होता है ये खूनी,बाधी दोनों प्रकार के बबासीर में उपयोग कर सकते हैं इसके रस को कुछ हप्ते लेने से पेशाब नली में होने वाली पथरी कट-कट कर पेशाब के रास्ते से बाहर निकल जाती है इसके सांथ ही जिन पुरुषो में लैंगिक समस्या होती है वे मूली के बीज को तीली के तेल में सेक कर उस तेल को लगाने से मदद मिल सकती है. दाद, खुजली में इसके बीज के चूर्ण को नीबू के रस के सांथ मिलाकर उस भाग में लगाने से आराम मिलता है |अमित साहू@8964931287.

Posted on: Feb 12, 2019. Tags: AMIT SAHU

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