वनांचल स्वर : कुष्ठ बीमारी का घरेलू उपचार-

जिला-कोरबा (छत्तीसगढ़) से डॉ.आमीन रिजवी गलित कुष्ट का घरेलू उपचार बता रहे है, गलित कुष्ट इसे कोढ़ रोग के नाम से भी जाना जाता है, जिसमे शरीर की उंगलिया नाक का सिरा, शरीर का अग्र भाग गलने लगता है, यह इस बीमारी का आख़िरी स्तर है, ऐसे रोगियों को समाज से बहिष्कृत कर दिया जाता है, सरकार द्वारा उनके रहने के लिए अलग से कालोनियां भी बनाई है, ऐसी समस्या से पीड़ित लोगो के लिए आंक का पौधा जिसे मदार, अकवन, अकड़ा के नाम से भी जाना जाता है, ये दो जाति का होता है एक सामन्य होता है जो कही भी मिल सकता है, दूसरा सफेद होता है जो सभी जगह नही मिल पाता, इसमें से जो भी उपलब्ध हो उसे उखाड़कर जड़ को काटकर सुखा लेना है, सूखने के बाद जड़ के छाल को अलग कर, पाउडर बनाकर छोटी-छोटी पुडिया बनाकर रख लें, और एक चम्मच देशी घी के सांथ सुबह-शाम खाने के बाद रोगी को चटाना है, इससे कुष्ट के कीड़े मल के सांथ बाहर निकल जाएंगे, इससे लाभ हो सकता है : आमीन रिजवी@9131235332.

Posted on: Aug 19, 2018. Tags: AMIN RIZVI HINDI HEALTH KORBA CG VANANCHAL SWARA