5.6.31 Welcome to CGNet Swara

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तार दे माँ...सरस्वती वंदना

जिला-शिवपुरी, (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमार पारश सरस्वती वंदना गीत सुना रहे है:
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तार दे माँ-
तू शल की देवी, ये संगीत तुझसे, हर शब्द तेरा हर गीत तुझसे-
हम अकेले हम है अधूरे, विद्द्या का हमको भी अधिकार दे माँ-
मुनियों ने समझी, गुणियों ने जानी, वेदों की भाषा, पुराणों की वाणी-
हम भी तो समझे, हम भी तो जाने-
तेरी शरण हम, हमें प्यार दे माँ, हे शारदे माँ-
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तार दे माँ...

Posted on: May 07, 2018. Tags: AKHILESH KUMAR PARAS

दान अवसर आज का है, स्वागतम शुभ आगमन...स्वागत गीत

ग्राम-कुंड, पोस्ट-फंदरा, थाना-दिनारा, तहसील-करैरा, जिला-शिवपुरी (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमार पारस एक स्वागत गीत सुना रहे हैं :
दान अवसर आज का है, स्वागतम शुभ आगमन-
आप आकर हैं पधारे, देश के सेवी सदन-
हर्ष से हृदय भरा है, दान अवसर आज का है, स्वागतम शुभ आगमन-
हम है बालक छोटे-छोटे और हैं नादान हम-
सेज सहना चाहते हैं स्वागतम शुभ आगमन-
प्रकृति के इस नए जमत में और है नादान हम...

Posted on: May 07, 2018. Tags: AKHILESH KUMAR PARAS

पाती जो सजना की पाती, पाती खा मधुबन में दिलो के, धूढत पाती हारी...बुन्देली लोकगीत

ग्राम-कुढ़, पोस्ट-धनरा, जिला-शिवपुरी (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमार पारस एक बुन्देली लोकगीत सुना रहे है :
की पाती जो सजना की पाती,छाती से चिपकाती-
पढ़ लेती कान्हा की बतिया, ना जियरा खिल पाती-
पाती जो सजना की पाती,पाती जो सजना की पाती-
पाती खा मधुबन में दिलो के, धूढत पाती हारी-
पाती मधुबन में, दिलो की पाती-
पाती जो सजना की पाती,पाती जो सजना की पाती-
कल कल कल्कई, मात पिता ये-
छलकर गो उत्पाती, पाती जो सजना की पाती...

Posted on: Mar 27, 2018. Tags: AKHILESH KUMAR

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »


Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download


From our supporters »