इतय इतय चारो ओर, क्योटी क्योटी करे सीहोर...कविता-

ग्राम-रेवटी, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से अखिलेश कुसवाहा एक कविता सुना रहे हैं:
इतय इतय चारो ओर, क्योटी क्योटी करे सीहोर-
जहां तहां खटकत पास है-
भाजल सो चाहा गावर ग्वालनी के कछू-
डरने डराने से उठाने रोम गात है...

Posted on: Jul 20, 2019. Tags: AKHILESH KUSWAHA BALRAMPUR CG POEM

अपना प्रदेश देखो कितना विशेष देखो...कविता-

ग्राम-रेवटी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से अखिलेश कुसवाहा एक कविता सुना रहे हैं :
अपना प्रदेश देखो कितना विशेष देखो-
आओ आओ घूमो यहाँ, खुशियों से झूमो यहाँ-
रायपुर की क्या कहानी, अपनी है राजधानी-
ऊँचे-ऊँचे हैं माकान यहाँ की निराली शान-
कोरबा की बिजली हम सब को मिली-
देवभोग का है मान, हीरे की जहाँ खदान...

Posted on: Jul 19, 2019. Tags: AKHILESH KUSWAHA CG POEM SURAJPUR

मन धीर धरो, घबराओ नहीं...भक्ति गीत

जिला-शिवपुरी (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमार पारस एक भक्ति गीत सुना रहे हैं:
मन धीर धरो घबराओ नहीं-
भगवान मिलेगें कभी न कभी-
गंगा में मिले यमुना में मिले-
सरयू में मिलेगें कभी न कभी-
मन धीर धरो घबराओ नहीं...

Posted on: Aug 28, 2018. Tags: AKHILESH HINDI KUMAR MP PARAS SONG

अंध विद्यालय में नामांकन की आखिरी तारीख 12 अगस्त है, पर प्रक्रिया अभी तक शुरू नही हुई है...

ग्वालियर (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमार पारस बता रहे हैं उनके वहां माधव अंध आश्रम है, जो एक अर्ध शासकीय नेत्रहीन विद्यालय है, 12 वी कक्षा तक है, जिसमे अभी तक नामांकन फॉर्म नही भरे जा रहे हैं जबकि 12 अगस्त नामांकन की आखिरी तारीख है, इसके लिए उन्होंने फॉर्म प्रबंधक के पास आवेदन किया, आधिकारिक पोर्टल नही चल रहा, नामांकन भरा जा रहा है बोलकर बच्चो को गुमराह कर रहे हैं, इसलिए वे सीजीनेट के श्रोताओं से अपील कर रहे हैं, कि दिए गए नंबरों पर अधिकारियों से बात कर समस्या का निराकरण करने में मदद करें : प्राचार्य@9425717744, संयुक्त संचालक@9425136317. संपर्क नंबर@7024933097.

Posted on: Aug 08, 2018. Tags: AKHILESH KUMAR PARAS GWALIOR MADHYA PRADESH

हम मेहनत कर जीवन की हर मुश्किल को पार कर सकते हैं...कहानी-

ग्राम-केरकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उदारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अखिलेश कुसवाहा एक प्रेरणादायक कहानी सुना रहे हैं : एक बार एक कौआ को जोर की प्यास लगी, तब आकाश में उड़ते-उड़ते उसे नीचे एक घड़ा दिखाई दिया जिसमे थोड़ा सा पानी था, जो बहोत नीचे था, लेकिन उसे अपनी प्यास बुझानी थी, फिर उसने एक तरकीब सोचा और घड़े में एक के बाद एक कंकड़ डालने शुरू किये जिससे पानी ऊपर आ गया, कौवे ने अपनी की प्यास बुझाई और आगे बढ़ चला, इससे सीख मिलती है, हम मेहनत कर जीवन की हर मुश्किल को पार कर सकते हैं |

Posted on: Jul 28, 2018. Tags: AKHILESH KUSWAHA STORY

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