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वे चाहते है कि हम तमाम लोग बीमार हो जाये...कविता -

जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सगनु कुमार एक कविता सुना रहे है:
वे चाहते है कि हम तमाम लोग बीमार हो जाये-
हम इतने दुष्ट हो जाये कि
उनकी दुश्चरित्रता की समीक्षा ही न कर सके-
वे चाहते है कि हमारी कसी हुई-
मुट्ठियाँ ढीली हो जाये-
हम कण-कण त्रण-त्रण विचित्र हो जाये-
हम इतने गुमराह हो जाये कि-
हम उनसे अपना हक ही न ले सके...

Posted on: Dec 18, 2017. Tags: SAGNU KUMAR

हाय रे जोड़ी ऐ रानी हाय रे अनारकली दगा देना...नागपुरी प्रेम गीत -

ग्राम-भंडारपारा, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से रोशन एक्का नागपुरी भाषा में एक प्रेम गीत सुना रहे हैं :
हाय रे जोड़ी ऐ रानी हाय रे अनारकली दगा देना – हाय दईया ऐ सोना ऐ मैना अनारकली दगा देना – धीरे-धीरे दिल के चुरा लईया अनारकली दगा देना – कहां कर बोद मान गली गली मोर जान – नैना में चढ़ गईली दिल में उतर गईली – धीरे-धीरे दिल के चुरा लईया अनारकली दगा देना...

Posted on: Dec 18, 2017. Tags: ROSHAN EKKA

टीचर जी-टीचर जी एक बार मुस्कुराइए...शिक्षा गीत -

ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अंजनी कुमारी एक शिक्षा गीत सुना रही है:
टीचर जी-टीचर जी एक बार मुस्कुराइए – मेरा प्रेम सदा दिल में रखिये-
क ख ग घ लिखना सिखाये-
क ख ग घ पढना सिखाये-
वन टू थ्री फोर लिखना सिखाये-
वन टू थ्री फोर पढना सिखाये-
टीचर जी-टीचर जी एक बार मुस्कुराइए...

Posted on: Dec 18, 2017. Tags: ANJNI KUMARI

हरणा हिरणी की प्रेम कहानी...

जंगल में दो नर मादा हरिण के आपस के प्रेम को देखकर सभी जानवर खुश हुआ करते थे | एक बार की बात है हरिणी बहुत उदास थी तो हरिण ने पूछा कि क्या बात है तो हरणी बोली आज तुम्हे मार दिया जायेगा. उसके बाद हरिण को पकड़कर मार दिया जाता है. हरणी राजमहल में पहुँचती है और रानी से कहती है मेरे हरिण को तो मार दिया और मांस भी आप लोग पकाकर खायेंगे लेकिन कृपया जो खाल है उसे मुझे दे दीजिये हम उसे ही देखकर हम समझेंगे की मेरा हरिणा जिन्दा है लेकिन रानी मानी नहीं और कहा हम छाल से खजरी बनायेंगे और उससे बाजा बजायेंगे और जब-जब खजरी बजाया जाता रहा तब तब हरणी आ जाती और खडी होकर खजरी से निकलने वाले बोल को सुनती और प्रेम में डूब जाती थी. सुनील कुमार@9308571702.

Posted on: Dec 18, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

जय हो नर्मदा मैया अमरकंटक तीरथ चारो धाम हो माँ...देवी गीत -

ग्राम-मनौरा, पोस्ट-गोरसी, थाना-जैतहरी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से ज्ञानदास एक गीत सुना रहे हैं:
जय हो नर्मदा मैया-
अमरकंटक तीरथ चारो धाम हो माँ-
महाशिवरात्रि मैया बैशाखी पुनः कहो-
मैया लागे हवय मेला के भीड़ हो माँ...

Posted on: Dec 18, 2017. Tags: GYANDAS ANUPPUR

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