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एक साल से हम 5 लोगो को मजदूरी भुगतान नहीं मिल रहा है, शिकायत करने पर कोई सुनता नहीं...

ग्राम-बनझोरका, ब्लॉक-गौरेला, जिला-बिलासपुर,(छत्तीसगढ़) से बाबूलाल नेटी को गाँव के साथी महिपाल, राय सिंह और राम सिंह बता रहे है कि इंदिरा आवास योजना के तहत घर बनवाने के लिए राय सिंह के यहाँ 5 लोगो ने 12 दिन काम किये थे जिसका मजदूरी भुगतान नहीं हुआ है और एक साल से ज्यादा हो गया है | इसकी शिकायत इन्होने सरपंच सचिव के पास भी किये है तो बोलते है मिलेगा तो मिलेगा और ध्यान भी नहीं देते है | इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन अधिकारियो को फ़ोन कर दबाव बनाए ताकि इनका मजदूरी भुगतान हो सके | जयलाल मरावी@9617499470, सीईओ@7387673744, सचिव@9617509504.

Posted on: Sep 20, 2017. Tags: BABULAL NETI

हाय रे हाय रे सुनील भाई अइसन गाना सुनाई...जस्पुरिया गीत -

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक जस्पुरिया गीत सुना रहे हैं:
हाय रे हाय रे सुनील भाई अइसन गाना सुनाई-
हल्ला-हल गावे सुखलाल धरे-धीरे ढोलक बजाई-
शाय हरमुनिया रसाई अपना गाना सुनाई-
अरे अपना गाना सुनाई अरे सुनील भाई...

Posted on: Sep 20, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

दिल को बहला ले, इज़ाज़त है, मगर इतना न उड़...गज़ल -

ग्राम-रक्शा, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से उषा सिंह एक गज़ल सुना रही है:
दिल को बहला ले, इज़ाज़त है, मगर इतना न उड़-
आज सपने देख, लेकिन इस कदर सितारे ना देख-
सिर से सिने में कभी, पेट से पांव में कभी-
एक जगह हो तो कहे, दर्द इधर होता है-
जब किसी हताश व्यक्ति से, मिलन हो जाता है तो-
ऐसा लगता है की जीवन में, सफल होना संभव नही...

Posted on: Sep 19, 2017. Tags: USHA SINGH

जय सेवा, जय बुढा देव की आरती हो रही रे मोरे बुढा देव...बुढादेव गीत -

ग्राम-टाँकी, पोस्ट-मलगा, तहसील-कोतमा, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से मनोज कुमार परस्ते एक गोंडवाना गीत सुना रहे है:
जय सेवा, जय बुढा देव की आरती हो रही रे मोरे बुढा देव-
तब क्या कर जिओ माथे पर को आकर टिका लगाए रे-
ओं मोंरे बड़ा देव, वो मोंरे बड़ा देव रे कर लियो ध्यान-
जय सेवा, जय बुढा देव, की आरती हो रही है ओं रे बुढा देव...

Posted on: Sep 19, 2017. Tags: MANOJ KUMAR PARASTE

सरई के बीज को महुआ के साथ मिलाकर खा सकते हैं, पेट भी भरता है, यह हमें स्वस्थ भी रखता है...

ग्राम-उमरखोही, विकासखण्ड-गोरेला, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में धनसाय मरावी के साथ में गाँव की महिलाये शुकवरिया और सूरज कुवर है जो सरई के पेड़ के फल का भोजन के रूप में उपयोग के बारे में चर्चा कर रहे हैं वे बता रही हैं कि इसके फल को उबालकर 4 से 5 बार उसके पानी को निकाल लेना होता है इसके पकने के बाद इसको महुआ के साथ भुन लिया जाता है उसके बाद दोनों को मिलाकर खाते है ये स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है और जिस जगह में खाने की समस्या है वे इसी का उपयोग करते है साथ ही इसका तेल भी निकलता है जो घाव को ठीक करने में काम आता है इसका औषधीय महत्व भी है | पहले हमारे पूर्वज यही सब खाते थे हमें रासायनिक खाद से बने भोजन को छोड़ जड़ी-बूटियों की ओर लौटना होगा।

Posted on: Sep 19, 2017. Tags: DHAN SAI MARAVI

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