जहाँ तुम रोये थे वहां हम न रोयेंगे...देश प्रेम कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक देश प्रेम की कविता सुना रहे है:
जहाँ तुम रोये थे वहां हम न रोयेंगे-
जहाँ तुम चले थे वहां हम न चलेंगे-
जहाँ तुम सोये थे वहां हम न सोयेंगे-
जहाँ तुम हँसे थे वहां हम न हँसेंगे-
जो तुम खाए वो हम न खायेंगे-
तुम कोड़े खाए तो खाए हम नहीं खायेंगे-
देश को हरगिज न गिराएंगे-
ऐसा कानून बनायेंगे-
सबके लिए ऊँची महल बनायेंगे...

Posted on: Mar 23, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

अहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों, यह दिल तेरे प्यार का मारा है दोस्तों...

ग्राम-बिजुरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से ओम प्रकाश एक गीत सुना रहे है :
अहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तो – यह दिल तेरे प्यार का मारा है दोस्तों – बनता है मेरा काम तुम्हारे ही काम से – होता है मेरा नाम तुम्हारे ही नाम से – तुम जैसे मेंहरबा का सहारा है दोस्तों – यारो ने मेरे वासते क्या कुछ नहीं किया-
सौ बार शुक्रिया अरे सौ बार शुक्रिया – बचपन तेरे साथ गुजारा है दोस्तों...

Posted on: Mar 23, 2017. Tags: OM PRAKASH

दीवानों यह बात ना पूछो, कैसे हम आज़ाद हुए....भगत सिंह शहादत दिवस पर गीत

भगत सिंह शहादत दिवस पर जनवादी गीत प्रस्तुत कर रहे हैं साथी विभाकर तिवारी:
दीवानों यह बात ना पूछो, कैसे हम आज़ाद हुए-
इन्कलाब के नारे देश में, चारो ओर ही गूंजे पड़े-
गोलियां खाकर गिर गए फिर भी, कारवां रूका नहीं-
कितने माँ की गोद उजड़ी, कितने घर बर्बाद हुए-
कुर्बानी से मिली आज़ादी, आज फिर खतरे में है-
मन्दिर-मस्जिद पर लड़ते है हम, अस्मत तो लुटती अब है-
वीरों के सपने है छूटते, माँ तो फिर रोती अब है-
आज़ादी फिर छिन न जाए, नौजवां तुम निकल पड़ो...

Posted on: Mar 23, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

सत्य अहिंसा से जो दुनिया में बांटे प्यार, ऐसा सुघड़ सलोना है भाई है अपना बिहार...

बिहार दिवस की शुभकामना के साथ सुनील कुमार, मालीघाट-मुजफ्फरपुर (बिहार ) से नागेन्द्र नाथ ओझा की रचना “अपना बिहार महान” सुना रहे हैं:
सत्य-अहिंसा मंत्र से जो दुनिया में बांटे प्यार-
ऐसा सुघड़ सलोना है भाई है अपना बिहार-
वैशाली राजा विशाल की थी भाई राजधानी-
गणतंत्र राज्य की शुरु हुयी है यहीं से कहानी-
दुनिया के जब लोग घूमते थे वन-वन में मारे-
तब बिहार में विद्यापति जैसे विद्वान पधारे-
मण्डन की मिश्र की पत्नी से, शंकराचार्य ने खाई थी हार-
अस्सी साल का वीर कुंअर, अंग्रेजो को ललकारा-
मुजफ्फरपुर में खुदीराम ने पापी जज को मारा-
होकर शहीद भगवान लाल ,माता का चरण पखारा-
बिहारी वीरों ने कभी भी नहीं जंग में हारा-
आल्हा उदल की गाथा आज भी गाता हैं संसार-
ऐसा सुघड़ सलोना ...

Posted on: Mar 23, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

एक बार अकबर ने बीरबल से कहा, मुझे हिन्दू बना दो...कहानी -

अकबर ने एक बार बीरबल से कहा तुम पक्के हिन्दू हो, मै भी हिन्दू होना चाहता हूँ तुम मुझे हिन्दू बना दो तो मानूं तो बीरबल ने कहा जहापनाह मुझे दो दिन का समय दीजिये। दूसरे दिन बादशाह सुबह महल के बाहर वाले जमुना तट के ऊपर घूम रहे थे तभी देखा एक व्यक्ति गधे को साबुन से नहला रहे थे, वो बीरबल थे. इस पर अकबर ने पूछा ये क्या कर रहे हो, बीरवल ने जवाब दिया गधे को घोडा बना रहा हू इस पर अकबर ने रोका और कहा तुम्हारा दिमाग ख़राब हो गया है क्या ? अकबर ने कहा जब हिन्दू मुसलमान बन सकता है तो गधा -घोडा क्यों नहीं बन सकता। ये जवाब सुनकर अकबर शर्मिन्दा हुए. इससे हमे यह पता चलता है जो जैसा है वही ठीक है-सुनील कुमार@9308571702.

Posted on: Mar 23, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

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