शहीद भगत सिंह की याद में...कविता-

कानपुर से केएम भाई एक कविता सुना रहे है जो 114वी जयंती पर शहीदे-ए-आजम को शत शत नमन करते हुये सुना रहे है :
शहीद भगत सिंह की याद में-
न आंसू हैं न है ख़ुशी-
न जश्न है न शोक-
हर लफ्ज़-
आज है खामोश…
इंकलाब का-
वो चेहरा-
आज बन गया-
है एक कोष...
न रंग है न है जोश-
न फ़िक्र है न रोष-
वतन का-
वो मतवाला-
आज हो-
गया है बेहोश....
न तप है न तपिश-
न शौर्य है न कशिश-
आजाद बिस्मिल का-
वो सरफ़रोश-
आज हो-
गया है एक पोज़.....
न गुलामी है न है ब्रिटिश-
न रंज है न है सितम-
पंजाब का-
वो भगत-
आज बन गया है-
यादों का एक कोष ...

Posted on: Sep 29, 2021. Tags: KANPUR KM BHAI POEM UP

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